Literacy rate in Rajasthan : राजस्थान, जो अपनी सांस्कृतिक विरासत और शौर्य के लिए जाना जाता है, अब विकास के नए आयाम छू रहा है. जब हम किसी राज्य की उन्नति की बात करते हैं, तो वहां की साक्षरता दर (Literacy Rate) और जनसंख्या का ढांचा सबसे महत्वपूर्ण मानक होते हैं. आइए जानते हैं कि शिक्षा के मोर्चे पर राजस्थान की क्या स्थिति है.
राजस्थान में साक्षरता दर: चुनौतियां और सफलता
राजस्थान में साक्षरता के ग्राफ में पिछले कुछ वर्षों में एक 'अपवर्ड ट्रेंड' यानी लगातार सुधार देखा गया है. नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान की कुल साक्षरता दर 66.11 प्रतिशत है.
यदि हम इसे बारीकी से देखें, तो पुरुष और महिला साक्षरता के बीच एक बड़ा अंतर नजर आता है, जिसे पाटने की कोशिशें जारी हैं:
- पुरुष साक्षरता: 79.19%
- महिला साक्षरता: 52.12%
यह आंकड़े बताते हैं कि जहां पुरुष साक्षरता राष्ट्रीय औसत के करीब पहुंच रही है, वहीं महिला शिक्षा के क्षेत्र में अभी बहुत काम किया जाना बाकी है. हालांकि, ग्रामीण इलाकों में 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जैसे अभियानों से जागरूकता बढ़ी है.
आपको बता दें कि 2011 जनगणना के अनुसार ग्रामीण इलाकों की साक्षरता दर 61.44% है . वहीं, राजस्थान का सबसे साक्षर जिला कोटा (76.6% के साथ) है. जबकि सबसे कम साक्षर जिला जालौर (2011 जनगणना के अनुसार) है.
आपको बता दें कि साक्षरता दर का मतलब 7 वर्ष या उससे अधिक आयु के उन लोगों के प्रतिशत से है जो पढ़ और लिख सकते हैं.
यह आंकड़े 2011 की जनगणना के आधार पर हैं