केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज 11 बजे वित्तीय वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट संसद में पेश करने वाली है. यह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट होगा. इस बार बजट से किसी आश्चर्य या बड़ी घोषणा की उम्मीद नहीं है. विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार ने आर्थिक स्थिरता बनाए रखने और भविष्य की विकास जरूरतों को ध्यान में रखकर ये बजट बनाया है. इस बजट में शिक्षा और रोजगार से जुड़े कुछ ऐलान भी देखने को मिल सकते हैं.
शिक्षा और रोजगार क्षेत्र को क्या मिल सकता है
विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार के बजट में रोजगार सृजन के लिए श्रम-प्रधान उद्योगों को प्रोत्साहन, कौशल विकास और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मजबूती दिए जाने की उम्मीद है. साथ ही, सरकार पीएलआई योजनाओं की समीक्षा करते हुए उनमें सुधार की घोषणा कर सकती है, ताकि विनिर्माण क्षमता, निर्यात और रोजगार में बढ़ोतरी हो सके. उम्मीद है कि बजट 2026 में स्कूलों में और सुधार, यूनिवर्सिटी में ज्यादा इन्वेस्टमेंट और एजुकेशन लोन से जुड़े ऐलान हो सकते हैं.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को सुबह 11 बजे संसद में लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट 2026 पेश करेंगी. इसमें विकास की गति को बनाए रखने, राजकोषीय मजबूती को बरकरार रखने और अमेरिकी शुल्क सहित वैश्विक व्यापारिक टकरावों से अर्थव्यवस्था को बचाने वाले सुधारों की घोषणा किए जाने की उम्मीद है. सीतारमण ने 2019 में स्थापित की गई अपनी परंपरा को जारी रखते हुए, बजट भाषण को ‘बही-खाते' में ले जाना जारी रखा. ‘ब्रीफकेस' की परंपरा को छोड़ने के बाद इसकी शुरुआत की गई थी.
बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू हुआ है और 29 जनवरी को इकोनॉमिक सर्वे पेश किया गया था, जो 1 अप्रैल से शुरू होने वाले वित्त वर्ष की परंपरा के अनुसार है.