UGC नियमों पर मचा है बवाल, जानिए इसके बनने की कहानी, दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली समिति ने की थी सिफारिश

दिग्विजय सिंह की संसदीय समिति की सिफारिशों पर आधारित इन नियमों में ओबीसी और दिव्यांगों के साथ भेदभाव रोकने के लिए कड़े प्रावधान और कमेटियों में 50% आरक्षण की बात कही गई है।.

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5 मई 2025 को हुई उस अहम बैठक में समिति ने यूजीसी के पुराने (2012 के) नियमों को बदलने के लिए कई कड़े सुझाव दिए थे.

UGC New Rules 2026 : देश के एजुकेशन सेक्टर में इस वक्त जबरदस्त घमासान मचा है। यूजीसी (UGC) के नए नियमों ने कैंपस से लेकर सोशल मीडिया तक आग लगा दी है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन विवादास्पद नियमों की स्क्रिप्ट कहां लिखी गई? इसकी डोर जुड़ी है कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह से, आइए जानते हैं कैसे...

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दरअसल, शिक्षा, महिला, बाल और युवा मामलों की संसदीय समिति ने पिछले साल यानी 2025 में इन नियमों को लेकर एक लंबी चर्चा की थी. 5 मई 2025 को हुई उस अहम बैठक में समिति ने यूजीसी के पुराने (2012 के) नियमों को बदलने के लिए कई कड़े सुझाव दिए थे. दिग्विजय सिंह की अगुवाई वाली इस समिति ने इस बात पर भी नाराजगी जताई थी कि इन नियमों को लाने में इतनी देरी क्यों हुई. समिति का तो यहां तक कहना था कि ये नियम सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद ही सही ढंग से सामने आ पाए हैं.

समिति ने सबसे बड़ी सिफारिश यह की थी कि 'जाति-आधारित भेदभाव' की परिभाषा को और बड़ा किया जाए. उन्होंने कहा था कि इसमें ओबीसी (OBC) छात्रों के उत्पीड़न को भी साफ तौर पर शामिल किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें संविधान के अनुच्छेद 15(4) और 15(5) के तहत पूरी सुरक्षा मिल सके. 

इतना ही नहीं, समिति ने जोर दिया था कि कॉलेजों की 'इक्विटी समिति' में केवल नाम के लिए सदस्य न हों, बल्कि इसमें 50% आरक्षण होना चाहिए ताकि SC/ST और OBC समुदायों का दबदबा रहे. आज यूजीसी ने 13 जनवरी 2026 को जो नियम जारी किए हैं, उनमें समिति की इन लगभग सभी सिफारिशों को शामिल कर लिया गया है, जिसे लेकर अब देशभर में विरोध के सुर तेज हो गए हैं.

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