हार ना मानें, विवेकानंद जी की 5 बातें, 'खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है

युवाओं के लिए आज भी स्वामी विवेकानंद (swami vivekanand) प्रेरणा के सबसे बड़ा स्रोत हैं. उनकी कही बातें आज भी छात्रों को आत्मविश्वास, साहस और निरंतर प्रयास की ओर अग्रसर करती हैं.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins

युवाओं के लिए आज भी स्वामी विवेकानंद (swami vivekanand) प्रेरणा के सबसे बड़ा स्रोत हैं. उनकी कही बातें आज भी छात्रों को आत्मविश्वास, साहस और निरंतर प्रयास की ओर अग्रसर करती हैं. अगर आपको भी लगता है कि जीवन में हालात मुश्किल हैं तो विवेकानंद जी की ये 5 बातें आपको नई ऊर्जा से भर देंगे- 

'खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है'
विवेकानंद जी कहते थे कि जो खुद को कमजोर मान लेते हैं, उनकी आधी हार वहीं तय हो जाती है. इसलिए हमेशा अपनी ताकत को पहचानो और आत्मविश्वास बनाए रखो. 

'उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए'
यह उनके प्रसिद्ध कोट्स में से एक है. इसका मतलब है कि लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करनी चाहिए. बाधाओं से घबराकर रुक नहीं जाना चाहिए. 

मन दुखी है तो पढ़ें कलाम सर की ये बातें, 'सूरज की तरह चमकना है तो सूर्य की तरह जलना भी होगा' 
 

Advertisement

'सच्ची सफलता वही है, जो दूसरों के लिए उपयोगी हो' 
विवेकानंद जी सिखाया करते थे कि खुद के लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए भी कुछ करना ही असली सफलता है. 

'डर ही हमारी सबसे बड़ी बाधा है'
डर किसी भी इंसान को आगे बढ़ने से रोक देता है. जब कोई अपने डर का सामना करता है, तभी वह अपने असली सामर्थ्य को पहचान पाता है'. 
 

Advertisement
Featured Video Of The Day
Syed Suhail | Bihar New CM | बिहार से 'सुशासन बाबू' की विदाई, BJP के 'सम्राट' होंगे नए CM | Politics