आईपीयू के दस प्रोग्राम के लिए स्पॉट राउंड काउंसलिंग आज से शुरू

स्पॉट राउंड के प्रथम चरण के बाद भी अगर सीटें खाली रहती हैं तो इस काउंसलिंग का दूसरा चरण 12 अगस्त से शुरू किया जाएगा.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
रीजन, रिजर्वेशन एवं अन्य दस्तावेजों का सत्यापन आवंटित इंस्टिट्यूट में होगा.

IP University spot round counselling : गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (आईपी यूनिवर्सिटी) के दस प्रोग्राम में दाखिले के लिए आयोजित की जा रही स्पॉट राउंड काउंसलिंग की ऑनलाइन प्रक्रिया 5 अगस्त से शुरू हो रही है. ये दस प्रोग्राम हैं- बीसीए, बीएड, बीबीए/बीबीए एमबीए इंटीग्रेटेड, बीएजेएमसी, लेटरल एंट्री टू बी. टेक डिप्लोमा धारकों के लिए, बी. टेक, बी. कॉम (ऑनर्स), बीएड (स्पेशल एजुकेशन), बीए इंग्लिश (ऑनर्स) और बीए इकोनॉमिक्स (ऑनर्स). इन सभी प्रोग्राम में दाखिले के लिए स्पॉट राउंड का प्रथम चरण 5 अगस्त से शुरू हो रहा है.

जिन्होंने 2,500 रुपये जमा कर रखे हैं वे स्पॉट राउंड के लिए निर्धारित 500 रुपये का पंजीकरण शुल्क 6 अगस्त तक जमा कर इस राउंड के प्रथम चरण के लिए पंजीकरण कर सकते हैं. 06 अगस्त तक इस चरण की काउंसलिंग में भागीदारी के लिए विकल्प चयन भी करना है. 7 अगस्त को इस चरण की काउंसलिंग का परिणाम आ जाएगा.

सीट आवंटन के उपरांत 10 अगस्त तक पार्ट अकादमिक फ़ीस जमा करने के साथ फ्रीज या फ़्लॉट का विकल्प भी चयन करना है.11 अगस्त तक आवंटित इंस्टिट्यूट में रिपोर्ट करना है या आवंटित सीट निरस्त करना है.

स्पॉट राउंड के प्रथम चरण के बाद भी अगर सीटें खाली रहती हैं तो इस काउंसलिंग का दूसरा चरण 12 अगस्त से शुरू किया जाएगा. प्रथम चरण की ही तरह जिन्होंने 2,500 रुपये जमा कर रखे हैं वे 500 रुपये जमा कर 13 अगस्त तक इस चरण की काउंसलिंग के लिए पंजीकरण कर सकते हैं.

Advertisement

13 अगस्त तक विकल्प चयन भी करना है.14 अगस्त को इस चरण की काउंसलिंग का परिणाम घोषित किया जाएगा.सीट आवंटित होने पर 18 अगस्त तक पार्ट अकादमिक फीस जमा करनी है और 20 अगस्त तक आवंटित इंस्टिट्यूट में रिपोर्ट करना है.

रीजन, रिजर्वेशन एवं अन्य दस्तावेजों का सत्यापन आवंटित इंस्टिट्यूट में होगा.

इससे जुड़ी विस्तृत जानकारी यूनिवर्सिटी की दोनों वेबसाइट www.ipu.ac.in और www.ipu.admissions.nic.in पर उपलब्ध है .

Featured Video Of The Day
8th Pay Commission: सैलरी, पेंशन, एरियर... 8वें वेतन आयोग पर संसद में वित्त मंत्रालय ने क्या बताया?
Topics mentioned in this article