PSEB 2026 : पंजाब में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. हाल ही में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) की ओर से जारी 8वीं कक्षा के नतीजों में लड़कियों ने टॉप का दबदबा साफ देखने को मिला है. रिजल्ट ने यह साबित कर दिया है कि राज्य की बेटियां अब किसी से कम नहीं हैं. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस बड़ी उपलब्धि को पंजाब की 'शिक्षा क्रांति' का नाम दिया है, जहां साधारण परिवारों की बेटियों ने अपनी मेहनत से इतिहास रच दिया है.
टॉपर्स का दबदबा और सम्मान
इस साल के नतीजों में सबसे चौंकाने वाली और सुखद बात यह रही कि प्रदेश के टॉप 20 रैंक में से 19 पदों पर लड़कियों ने कब्जा जमाया है. 12 अप्रैल को मुख्यमंत्री मान ने इन होनहारों को अपने निवास पर सम्मानित किया.
तमन्ना (फरीदकोट): सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा ने 600 में से 600 अंक प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया.
जपनीत कौर (संगरूर): 598 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं.
जशनदीप कौर (फरीदकोट): 598 अंक लेकर तीसरे स्थान पर कब्जा किया.
मुख्यमंत्री ने पहले तीन स्थान पर आने वाली छात्राओं को 50,000 रुपये के नकद पुरस्कार से नवाजा.
'स्कूल ऑफ एमिनेंस' में सीधी एंट्री
प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने एक बड़ा ऐलान किया. उन्होंने घोषणा की कि टॉप 20 में आने वाले सभी छात्रों को पंजाब के प्रतिष्ठित 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' में बिना किसी प्रवेश परीक्षा (Entrance Test) के सीधा दाखिला दिया जाएगा. यह कदम मेधावी छात्रों को आधुनिक शिक्षा और बेहतर भविष्य की उड़ान देने के लिए उठाया गया है.
सरकारी स्कूलों का बढ़ता गौरव
इस परीक्षा में करीब 2.62 लाख छात्र शामिल हुए थे. मुख्यमंत्री मान ने कहा कि सरकारी स्कूलों के छात्रों का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि शिक्षा के क्षेत्र में किया गया निवेश अब जमीन पर असर दिखा रहा है. उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे जमीन से जुड़े रहें, कड़ी मेहनत करें और जीवन में सही रोल मॉडल का चुनाव करें.
आज पंजाब के सरकारी स्कूल राष्ट्रीय स्तर पर एक बेंचमार्क के रूप में उभर रहे हैं. बेटियों की यह जीत न केवल उनके परिवारों के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है.
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