Who is Medha Rupam : उत्तर प्रदेश का औद्योगिक केंद्र नोएडा इस वक्त मजदूरों के हिंसक प्रदर्शन की आग में झुलस रहा है. वेतन वृद्धि की मांग को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब पथराव और तोड़फोड़ तक पहुंच गया है. लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है वह है नोएडा की जिलाधिकारी (DM) मेधा रूपम.
कौन हैं मेधा रूपम?
विवादों और चुनौतियों के बीच मेधा रूपम का व्यक्तिगत सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है. उत्तर प्रदेश कैडर की 2014 बैच की यह आईएएस अधिकारी देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बेटी हैं.
आईएएस बनने से पहले मेधा एक मंझी हुई शूटर रही हैं. केरल स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में उन्होंने न केवल तीन गोल्ड मेडल जीते, बल्कि राज्य का रिकॉर्ड भी तोड़ा. 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में उनकी प्रतिभा का हर कोई कायल था.
UPSC में 10वीं रैंकदिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से पढ़ाई करने वाली मेधा ने साल 2013 की यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया 10वीं रैंक हासिल की थी.
29 जुलाई 2025 को नोएडा की कमान संभालने से पहले वह मेरठ और बागपत जैसे जिलों में भी अहम भूमिका निभा चुकी हैं.
चुनौतियों भरा रहा है कार्यकाल
नोएडा जैसी हाई-प्रोफाइल सीट पर मेधा रूपम का कार्यकाल चुनौतियों भरा रहा है. हाल ही में एक इंजीनियर की गड्ढे में डूबकर हुई मौत के मामले में भी उन पर सवालिया निशान खड़े हुए थे. अब मजदूरों के इस उग्र आंदोलन को संभालना उनके लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है.