NEET UG 2027 होगी कंप्यूटर आधारित? कई बड़े बदलाव की है तैयारी, पार्लियामेंट्री कमेटी ने दिए अहम सुझाव

NEET UG पर चर्चा करने के लिए जब संसदीय समिति बैठी तो इस बात पर खास तौर पर जोर दिया कि बदलाव ऐसे होने चाहिए जिससे छात्रों को आगे से इस तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े.

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NEET UG को लेकर संसदीय समिति की हुई अहम बैठक
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  • संसदीय समिति ने NEET UG परीक्षा को कंप्यूटर आधारित और मल्टी-शिफ्ट में कराने की सिफारिश की है
  • समिति ने 22 लाख से अधिक उम्मीदवारों की एक साथ परीक्षा कराने में सुरक्षा और प्रबंधन चुनौतियों को गंभीर माना है
  • NEET UG परीक्षा 2027 से कंप्यूटर आधारित कराने की तैयारी शुरू हो चुकी है और सुधार चरणबद्ध तरीके से लागू होंगे
नई दिल्ली:

सरकार NEET- UG में बड़े बदलाव की तैयारी में है. इसे लेकर पार्लियामेंट्री कमेटी (संसदीय समिति) ने बुधवार को हुई बैठक में कई अहम सुझाव भी दिए हैं. सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार संसदीय समिति ने NEET UG को कंप्यूटर आधारित और कई चरणों (मल्टी-शिफ्ट) में कराने की सिफारिश की है. समिति का कहना है कि 22 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों की एक ही दिन परीक्षा कराने से सुरक्षा और व्यवस्था की चुनौती बढ़ जाती है. साथ ही सुझाव दिया गया है कि JEE Main की तरह NEET भी कई शिफ्टों में कराया जाए.समिति ने 21 जून को हुई NEET UG परीक्षा के सुरक्षित संचालन की सराहना की. 

NTA ने भरोसा दिया कि परीक्षाओं को सुरक्षित, पारदर्शी और नकल-मुक्त बनाने के लिए सुधार जारी रहेंगे.राधाकृष्णन समिति की सिफारिशें चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएंगी. NEET UG 2027 को कंप्यूटर आधारित कराने की तैयारी शुरू हो चुकी है.कुछ सांसदों ने MBBS, AYUSH और Nursing के लिए अलग-अलग प्रवेश परीक्षाएं कराने का सुझाव भी दिया.

NTA ने कहा कि इस पर अंतिम फैसला केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को लेना होगा. समिति ने कहा कि कंप्यूटर आधारित परीक्षा लागू करने से पहले पूरे देश में पर्याप्त डिजिटल व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए.बैठक में AI का शिक्षा और रोजगार पर असर तथा बच्चों पर सोशल मीडिया के प्रभाव पर भी चर्चा हुई है. 

आपको बता दें कि देश में लगातार राष्ट्रीय स्तर के एंट्रेंस एग्जाम्स के मैनेजमेंट को लेकर सवाल उठ रहे हैं, इस पर ध्यान देने और जरूरी कदम उठाए जाने को लेकर संसदीय समिति की ये बैठक बुलाई गई. ये कमेटी नीट-यूजी 2026 री-एग्जाम से जुड़े नतीजों, परीक्षा कराने में आई दिक्कतों और प्रशासन के स्तर पर आई चुनौतियों की जांच करेगी. इस बैठक में ISRO के पूर्व अध्यक्ष के. राधाकृष्णन भी राष्ट्रीय परीक्षा प्रणालियों के ढांचे को बेहतर और मजबूत बनाने के लिए जरूरी सुधारों पर अपने सुझाव भी दिए. बैठक में अधिकारी शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती भूमिका पर भी चर्चा की. 

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