NEET री-एग्जाम 2026 को लेकर गृह सचिव गोविंद मोहन ने एक हाई लेवल बैठक की और इस दौरान एग्जाम की तैयारियों की समीक्षा की. गृह सचिव ने राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों को निर्देश दिए कि सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाए. छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए राज्यों से विशेष व्यवस्था करने को कहा गया. बैठक में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन, स्कूल शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, डाक विभाग, CRPF, CISF, BCAS, NTA, रक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने छात्रों के सुगम सफर के लिए रेलवे की ओर से पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया है. सरकार ने साफ कहा है कि NEET री-एग्जाम को सुरक्षित, पारदर्शी और बिना किसी गड़बड़ी के कराया जाएगा.
"प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन हो"
आधिकारिक बयान के अनुसार, मोहन ने विभिन्न सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए तैयारियों की समीक्षा की. इस दौरान छात्रों की सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर विशेष ध्यान दिया गया. गृह सचिव ने निर्देश दिया कि सुरक्षा संबंधी सभी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाए और परीक्षा का आयोजन त्रुटिरहित तरीके से सुनिश्चित किया जाए. बयान में कहा गया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से छात्रों की सुगम यात्रा सुनिश्चित करने में सहयोग करने का अनुरोध किया गया. रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने इस संबंध में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया.
21 जून को है एग्जाम
बता दें 3 मई को आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा को अनियमितताओं के आरोपों के बीच रद्द कर दिया गया था. इसका री-एग्जाम 21 जून को आयोजित किया जाना है. हाल ही में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने री-एग्जाम के एडमिट कार्ड जारी किए हैं. जिसे एनटीए की वेबसाइट से उम्मीदवार डाउनलोड कर सकते हैं.
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