NCERT की किताब में ऐसा क्या लिखा है, जिसे लेकर मच गया बवाल

NCERT के एक चैप्टर को लेकर इतना बवाल मचा कि मामला देश की सबसे बड़ी अदालत तक पहुंच गया.आइए जानते हैं कि आखिर उस चैप्टर में ऐसा क्या लिखा था, जिसे लेकर सुप्रीम कोर्ट के जज और बड़े-बड़े वकील नाराज हो गए.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
किताब के इस हिस्से में साफ तौर पर 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' (Corruption in Judiciary) की बात कही गई थी.

NCERT Controversy : NCERT एक और चैप्टर विवाद में आ गया है. दरअलस, एनसीआरटी ने सामाजिक विज्ञान (Social Science) की अपनी नई किताब में एक नया अध्याय (Chapter) जोड़ा था, जिसका नाम है 'हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका'. इस चैप्टर का मकसद बच्चों को देश की कानूनी व्यवस्था समझाना था, लेकिन इसमें कुछ ऐसी बातें लिख दी गईं जिनसे न्यायपालिका की छवि पर सवाल खड़े होने लगे.चैप्टर को लेकर इतना बवाल मचा कि मामला देश की सबसे बड़ी अदालत तक पहुंच गया.आइए जानते हैं कि आखिर उस चैप्टर में ऐसा क्या लिखा था, जिसे लेकर सुप्रीम कोर्ट के जज और बड़े-बड़े वकील नाराज हो गए.

यह भी पढ़ें- क्या 1 अप्रैल से फीस नहीं ले पाएंगे दिल्ली के प्राइवेट स्कूल? दिल्ली हाईकोर्ट में हुई बहस

वो 3 बड़ी बातें जिन पर मचा जिसपर मचा 'बवाल'

1. किताब के इस हिस्से में साफ तौर पर 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' (Corruption in Judiciary) की बात कही गई थी. इसमें बताया गया था कि कैसे अदालतों के अंदर भी भ्रष्टाचार और गलत आचरण की घटनाएं होती हैं. 

2. चैप्टर में भारत की अदालतों में लटके हुए मुकदमों की एक लिस्ट दी गई थी

सुप्रीम कोर्ट: लगभग 81,000 केस.

हाई कोर्ट: करीब 62 लाख 40 हजार केस.

निचली अदालतें: करीब 4 करोड़ 70 लाख केस.

3. पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) का बयान

सबसे ज्यादा आपत्ति पूर्व सीजेआई बीआर गवई के एक बयान को शामिल करने पर हुई. किताब में उनका जुलाई 2025 का एक बयान छपा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि भ्रष्टाचार की घटनाएं न्यायपालिका की छवि खराब करती हैं, हालांकि पारदर्शी एक्शन से इसे सुधारा जा सकता है. वर्तमान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि किसी को भी न्यायपालिका को बदनाम करने की अनुमति नहीं दी जा सकती.

Featured Video Of The Day
PM Modi Israel Visit: इजरायल में कदम रखते ही PM मोदी का Netanyahu ने गले लगाकर किया स्वागत