- महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में मार्च के महीने में ही मई-जून जैसी भीषण गर्मी का अनुभव होने लगा है.
- विदर्भ के अकोला और ब्रह्मपुरी जैसे इलाकों में तापमान करीब 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है.
- अत्यधिक गर्मी को देखते हुए विदर्भ के सभी स्कूल अब सुबह सात बजे से 11:45 बजे तक ही संचालित होंगे.
देश में मार्च का महीना खत्म होने से पहले ही भीषण गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में तापमान लगातार बढ़ रहा है. हालत ये है कि मार्च के महीने में ही मई-जून जैसी गर्मी का अहसास होने लगा है. विदर्भ के कई जिलों में पारा 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. साथ ही कुछ इलाकों जैसे अकोला और ब्रह्मपुरी में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज किया गया है. इसी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने छात्रों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों के समय में बदलाव का फैसला लिया है.
भीषण गर्मी और लू से बच्चों को बचाने के लिए विदर्भ के सभी स्कूल अब सुबह 7:00 बजे से 11:45 बजे तक ही संचालित होंगे. पहले कई स्कूलों का समय दोपहर की शिफ्ट या सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक था, लेकिन अत्यधिक गर्मी के कारण यह व्यवस्था बदली गई है.
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2 मई से शुरू होंगी गर्मी की छुट्टियां
शिक्षा विभाग के अनुसार, पूरे राज्य में गर्मी की छुट्टियां 2 मई से शुरू होंगी और 30 अप्रैल मौजूदा सत्र का आखिरी कार्यदिवस होगा. इसके बाद सभी स्कूलों में 15 जून से एक साथ नया शैक्षणिक सत्र शुरू किया जाएगा. गर्मी की छुट्टियां 2 मई से 14 जून तक रहेंगी.
सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध स्कूलों को अपने स्तर पर छुट्टियों को लेकर फैसला लेने की अनुमति दी गई है.
छात्रों और अभिभावकों को मिलेगी राहत
शिक्षा निदेशक द्वारा जारी इस सुरक्षात्मक आदेश का उद्देश्य बच्चों को लू और अत्यधिक गर्मी से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचाना है. लगातार बढ़ते तापमान के बीच यह फैसला अभिभावकों और छात्रों के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है.