JEE Topper IIT Admission: हर साल लाखों छात्र JEE परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन उनमें से कुछ ही छात्र ऐसे होते हैं जो ऑल इंडिया रैंक में टॉप 100 या टॉप 10 तक पहुंच पाते हैं. ऐसे में अक्सर लोगों के मन में ये सवाल आता है कि जो स्टूडेंट्स JEE में टॉप करते हैं क्या उन्हें सीधे IIT बॉम्बे या IIT दिल्ली में एडमिशन मिल जाता है या फिर इसके पीछे कोई अलग प्रोसेस होता है. दरअसल सच ये है कि सिर्फ टॉप रैंक लाने से आपका IIT तय नहीं होता है, बल्कि इसके लिए एक पूरी काउंसलिंग प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है जो आपके कॉलेज और ब्रांच दोनों को तय करती है.
JoSAA काउंसलिंग से होता है IIT का फैसला
JEE Advanced का रिजल्ट आने के बाद जॉइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी यानी JoSAA की काउंसलिंग शुरू होती है. इसी काउंसलिंग के दौरान छात्र अपनी पसंद के IIT और अपनी मनचाही ब्रांच को चुनते हैं. इसमें IIT बॉम्बे, IIT दिल्ली, IIT मद्रास, IIT कानपुर और IIT खड़गपुर जैसे टॉप IIT शामिल होते हैं. अगर आपकी रैंक बहुत अच्छी है तो आपके पास कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग यानि CSE जैसी सबसे डिमांडिंग ब्रांच चुनने का मौका होता है.
रैंक के साथ आपकी चॉइस भी है जरूरी
कई बार ऐसा भी देखने को मिलता है कि टॉप रैंक हासिल करने वाले छात्र IIT बॉम्बे की जगह IIT मद्रास या IIT दिल्ली को चुन लेते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि कुछ स्टूडेंट्स के लिए ब्रांच ज्यादा मायने रखती है जबकि कुछ के लिए कॉलेज ज्यादा अहम होता है. उदाहरण के तौर पर अगर किसी छात्र को कम्प्यूटर साइंस यानि CSE चाहिए तो वो दूसरे IIT में भी इस ब्रांच को चुन सकता है.
टॉपर्स की पहली पसंद होती है ये ब्रांच
JEE टॉपर्स की पहली पसंद आमतौर पर CSE होती है. इसके बाद इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और मैकेनिकल इंजीनियरिंग जैसी ब्रांच आती हैं. यही वजह है कि टॉप रैंक वाले स्टूडेंट्स ज्यादातर टॉप IIT में CSE लेने की कोशिश करते हैं ताकि उन्हें आगे बेहतर प्लेसमेंट और करियर के मौके मिल सकें.