JEE Main Exam Attempt : इंजीनियर बनने का सपना देखने वाले हर छात्र के मन में JEE Main को लेकर कई सवाल होते हैं. सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस कठिन परीक्षा को कितनी बार दिया जा सकता है? और अगर सफलता न मिले, तो क्या इंजीनियरिंग का सपना टूट जाता है? चलिए, आज इन सभी सवालों के जवाब जानते हैं.
JEE Main: कितनी बार दे सकते हैं ये Exam?
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के नियमों के अनुसार, एक छात्र लगातार 3 सालों तक JEE Main की परीक्षा दे सकता है. क्योंकि यह परीक्षा साल में दो बार (सत्र 1 और सत्र 2) आयोजित की जाती है, इसलिए तकनीकी रूप से आपके पास कुल 6 चांस होते हैं.
योग्यता क्या है
आप 12वीं कक्षा की परीक्षा के साथ पहली बार अपीयर हो सकते हैं, और उसके बाद अगले दो सालों तक लगातार एग्जाम दे सकते हैं.
अगर JEE Main में रैंक कम आए या फेल हो जाएं तो क्या करें?
JEE Main में सफलता न मिलना करियर का अंत नहीं है. भारत में इंजीनियरिंग करने के कई और बेहतरीन रास्ते भी हैं:
स्टेट लेवल एंट्रेंस एग्जामलगभग हर राज्य अपनी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा आयोजित करता है (जैसे- WBJEE, MHT CET, KCET). यहां प्रतिस्पर्धा JEE से कम होती है और अच्छे सरकारी कॉलेज मिलने की संभावना ज्यादा रहती है.
BITS Pilani, VIT, SRM और Manipal जैसी टॉप प्राइवेट यूनिवर्सिटीज अपनी अलग परीक्षा लेती हैं. इनका प्लेसमेंट रिकॉर्ड कई NITs से भी बेहतर है.
डायरेक्ट एडमिशनकई प्रतिष्ठित कॉलेज 12वीं के बोर्ड मार्क्स के आधार पर भी एडमिशन देते हैं.
डिप्लोमा कोर्सआप पॉलिटेक्निक डिप्लोमा कर सकते हैं, जिसके बाद लेटरल एंट्री के जरिए सीधे इंजीनियरिंग के दूसरे साल में एडमिशन मिल जाता है.