JEE Main 2026 Expected Cutoff: भारत की सबसे बड़ी और कठिन परीक्षाओं में से एक, JEE Main के लिए काउंटडाउन शुरू हो चुका है. हर साल लाखों छात्र इसमें बैठते हैं, लेकिन असली खेल कटऑफ का होता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस बार कटऑफ कितने तक जा सकता है और आपको कितने स्कोर की तैयारी रखनी चाहिए.
यह भी पढ़ें- CTET February 2026 की सिटी स्लिप हुई जारी, यहां से करें डाउनलोड
कटऑफ क्या होता हैकटऑफ वो पासिंग मार्क्स या पर्सेंटाइल है, जिसे पार करने के बाद ही आप JEE Advanced (IIT में एंट्री का रास्ता) देने के योग्य होते हैं. इसके अलावा, इसी स्कोर के बेसिस पर आपको NIT और IIIT जैसे टॉप कॉलेजों में एडमिशन मिलता है.
पिछले कुछ सालों के ट्रेंड और बढ़ते कॉम्पिटिशन को देखते हुए एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस साल कटऑफ थोड़ी ऊपर जा सकती है. यहां कैटेगरी के हिसाब से एक एक्सपेक्टेड पर्सेंटाइल दिया गया है.
क्या रहेगा साल 2026 का संभावित कटऑफ पर्सेंटाइल- जनरल (General) कैटेगरी का 93 – 95 तक
- ईडब्ल्यूएस (Gen-EWS) कैटेगरी का 80 – 82 तक
- ओबीसी (OBC-NCL) कैटेगरी का 79 – 81 तक
- एससी (SC) कैटेगरी का 60 – 63 तक
- एसटी (ST) कैटेगरी का 47 – 50 तक
- दिव्यांग (PwD) कैटेगरी का 0.001 – 1 तक पर्सेंटाइल जा सकता है
क्यों बढ़ सकती है इस बार कटऑफ?
बढ़ती छात्रों की संख्याहर साल एग्जाम देने वाले स्टूडेंट्स की तादाद बढ़ रही है, जिससे एक-एक नंबर पर हजारों रैंक का फर्क पड़ जाता है.
अब ऑनलाइन कोचिंग और फ्री रिसोर्स की वजह से छोटे शहरों के बच्चे भी अच्छी तैयारी कर रहे हैं.
एग्जाम का पैटर्नकई शिफ्ट में एग्जाम होने की वजह से 'नॉर्मलाइजेशन' (Normalisation) की प्रक्रिया कटऑफ को थोड़ा अनप्रेडिक्टेबल बना देती है.
कटऑफ क्लियर करने के बाद क्या होगा?जैसे ही आप कटऑफ क्लियर करते हैं, आपके पास दो बड़े रास्ते खुलते हैं-
- पहला, आप JEE Advanced देकर IIT में जाने का सपना पूरा कर सकते हैं.
- दूसरा, आप JoSAA (Joint Seat Allocation Authority ) काउंसलिंग के जरिए देश के बेहतरीन NITs और IIITs में अपनी सीट पक्की कर सकते हैं.
सिर्फ कटऑफ के भरोसे न रहें. अगर आप सेफ जोन में रहना चाहते हैं, तो अपना टारगेट कटऑफ से कम से कम 5-7 पर्सेंटाइल ज्यादा रखें.