एक तरफ केंद्र सरकार "एनर्जी लॉकडाउन" की अफवाहों को गलत बता रही है और लोगों से अपील कर रही हैं कि ऐसी खबरों पर ध्यान न दें. वहीं दूसरी तरफ दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) ने एक अनिवार्य निर्देश जारी किया है. इसके तहत, स्नातक, पहले वर्ष के मास्टर और पहले वर्ष के PhD छात्रों को अपने घर वापस जाने को कहा है. आदेश में कहा गया है कि 6 अप्रैल, 2026 से कक्षाएं पूरी तरह से ऑनलाइन हो जाएंगी. IARI के एक अधिकारी ने बताया, "अभी कैंपस में लगभग 1800 छात्र रह रहे हैं. इस आदेश से 600 छात्र प्रभावित होंगे.
आखिर क्यों उठाया ये कदम
25 मार्च को जारी नोटिस में, इस फ़ैसले की वजह साफ़ तौर पर ऊर्जा संकट और छात्र हॉस्टलों व मेस सिस्टम पर पड़ रहे इसके असर को बताया गया है. संस्थान ने अपने स्तर पर पूरी जांच-पड़ताल की और छात्रों के प्रतिनिधियों से सलाह-मशविरे के बाद यह फ़ैसला किया है.
IARI नई दिल्ली और इसके सहयोगी संस्थानों में मास्टर/MTech और PhD के सीनियर छात्र अपनी ऑफ़लाइन कक्षाएं और रिसर्च बिना किसी रुकावट के जारी रखेंगे. बताया जा रहा है कि ऊर्जा संकट के कारण मेस के संचालन, रोशनी और हॉस्टल के बुनियादी कामों के लिए बिजली और ईंधन की सप्लाई पर असर पड़ रहा है.
यह आदेश ऐसे समय में आया है, जब अधिकारी लगातार यह दावा कर रहे हैं कि ऊर्जा से जुड़ा कोई भी लॉकडाउन नहीं लगेगा न ही उस पर विचार किया जा रहा है. केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ऐसी अफ़वाहों को खारिज करते हुए कहा था कि सरकार लोगों की आवाजाही या दैनिक जीवन पर किसी भी तरह की पाबंदी नहीं लगा रही है.