जनवरी 2026 में आयोजित हुई UGC NET-JRF परीक्षा को लेकर चल रहा विवाद अब छात्रों की जीत के साथ समाप्त हुआ है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने दिल्ली उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप और चौतरफा दबाव के बाद इतिहास के पेपर का संशोधित परिणाम और नई आंसर-की जारी कर दी है. इस फैसले से उन हजारों छात्रों ने राहत की सांस ली, जो NTA की प्रारंभिक चूक के कारण कुछ ही अंकों से NET या JRF क्वालिफाई करने से रह गए थे. आपको बता दें कि NDTV ने इस खबर को प्रमुखता के साथ उठाया था.
दरअसल , जनवरी के पहले सप्ताह में आयोजित NET -JRF की इतिहास की परीक्षा के बाद, जब 14 जनवरी को प्रोविजनल आंसर-की जारी हुई, तो दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों और छात्रों ने 9 सवालों और 2 अनुवादों (Translation) को पूरी तरह गलत बताया. छात्रों ने ₹300 प्रति प्रश्न का शुल्क देकर प्रमाणों के साथ आपत्तियां दर्ज कराईं, लेकिन NTA ने 4 फरवरी को बिना किसी सुधार के फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया.इस बड़ी लापरवाही से लगभग 84,000 छात्र प्रभावित हुए थे.
विशेषज्ञ समिति की जांच के बाद NTA को अपनी गलती स्वीकार करनी पड़ी. छात्रों के मुताबिक नए सुधारों के तहत NTA ने 4 प्रश्नों को 'ड्रॉप' किया और इनके अंक सभी छात्रों को दिए गए. 3 प्रश्नों के उत्तर बदले गए और NTA ने इन सवालों में दो विकल्पों को सही माना. इसके अलावा 2 सवालों के हिंदी और अंग्रेजी अनुवाद में भारी अंतर था, जहां अंततः अंग्रेजी के उत्तर को ही सही माना गया.
डीयू में छात्रों और प्रोफसरों ने NDTV के दमदारी से इस मामले में आवाज उठाने के लिए धन्यवाद दिया.विकास मिश्रा जो शोधार्थी और दयाल सिंह कॉलेज में अतिथि प्रोफेसर हैं , जिन्होंने 'स्टूडेंट फॉर एकेडमिक जस्टिस' के माध्यम से इस लड़ाई को लड़ा, उनका कहना है कि जब NDTV ने इसे राष्ट्रीय मुद्दा बनाया और हाईकोर्ट का आदेश आया, तब जाकर कमेटी बनी. 7 प्रश्नों में बदलाव होने से हजारों बच्चों का भविष्य बच गया और लाभ मिला.
वहीं पीजीडीएवी कॉलेज के फैकल्टी चंद्रजीत सिंह ने कहा कि NTA लगातार भाषा के स्तर पर गलतियां कर रहा है. हिंदी और अंग्रेजी के सवालों के अर्थ अलग-अलग थे, जिसका खामियाजा अभी भी हिंदी माध्यम के छात्रों को भुगतना पड़ा. चंद्रजीत ने बताया कि नए परिणाम आने से उनके दो सवाल सही हुए हैं. पहले 180 अंक थे और अब 184 हो गए हैं और अभी भी नेट ही क्वालीफाई हैं.
नए रिजल्ट घोषित होने से लाभान्वित छात्रों ने NDTV से अपना अनुभव साझा किया है. EWS कैटेगरी के हेमंत ने बताया कि मेरे स्कोर में सीधा 10 नंबरों का उछाल आया है. पहले 202 थे, अब 212 हो गए हैं. NDTV के कवरेज की वजह से ही हमें न्याय मिला और मेरा JRF क्लियर हो गया. वहीं, सौरभ सिंह (EWS कैटेगरी): मेरे 5 सवाल सही हुए और अब 188 नंबर के साथ मेरा NET क्वालिफाई हो गया है. जब कोई साथ नहीं था, तब NDTV ने हम पर हो रहे अन्याय को दिखाया.
जबकि गौतम ने बताया कि रिवाइज्ड आंसर की जारी करने के लिए और सवालों को सुधार करके रिजल्ट जारी किया जाए इसको लेकर पहले जब छात्र NTA को मेल करते थे तब NTA की तरफ से बच्चों को बताया जा रहा था कि कुछ भी कर लो दोबारा रिजल्ट जारी नहीं होगा. जिसके बाद जब NDTV ने दिखाया और हमारी आवाज उठाई फिर वो हरकत में आए और आंसर की जारी करने के लिए एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया. इसी वजह से रिजल्ट आया इस सबके लिए NDTV का धन्यवाद.
खास बात ये है कि इन छात्रों के साथ ही डीयू के कई छात्रों को लाभ हुआ है. सामान्य कैटेगरी के चेत्विक जिनके पहले 212 और अब 218 हो गए और अब JRF क्वालिफाई हो गया. सामान्य कैटेगरी के प्रणव का नेट क्लियर हो गया है. पहले 184 और अब 192 नंबर हो गए हैं. Genral कैटेगरी के प्रियम झा- पहले 188 और अब 194 अंक हो गए जिससे उनका नेट क्लियर हो गया है.NTA द्वारा संशोधित परिणाम जारी करना हजारों अभ्यर्थियों के लिए न्याय की जीत है, हालांकि, छात्रों का एक वर्ग अब भी अनुवाद की समस्याओं को लेकर चिंतित है.
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