- ममता यादव, 2021 बैच की आईएएस अधिकारी, को जम्मू-कश्मीर सरकार ने सूचना निदेशक का पदभार सौंपा गया है
- हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के गांव बसई की ममता यादव ने यूपीएससी में दो बार सफलता हासिल की है
- ममता यादव ने 2019 में यूपीएससी में 556 वीं और 2020 में पांचवीं रैंक प्राप्त की थी
IAS Mamta Yadav: भारतीय प्रशासनिक सेवा में जनरेशन जेड की आईएएस अधिकारी ममता यादव फिर चर्चा में हैं. एजीएमयूटी कैडर में वर्ष 2021 बैच की आईएएस ममता यादव को अब जम्मू-कश्मीर सरकार ने सूचना निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी है. ये पिछले कई दिन से नई पोस्टिंग के लिए इंतजार कर रही थीं. हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के एक छोटे से गांव बसई से संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा दो बार क्रैक करके इतिहास रचने और जम्मू-कश्मीर में सूचना निदेशक बनने तक की ममता यादव की पूरी कहानी बेहद दिलचस्प है.
ममता यादव की सक्सेस स्टोरी
ममता यादव संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा दो बार पास कर चुकी हैं. खास बात यह है कि यूपीएससी में ममता यादव ने ऑल इंडिया स्तर पर 551 रैंक की छलांग लगाकर आईएएस अधिकारी बनने का सपना पूरा किया है. उनकी यूपीएससी सक्सेस स्टोरी हर किसी को प्रेरित करने वाली है. ममता ने यह साबित कर दिखाया कि बड़ी मंजिल पाने के लिए कभी-कभी पहली सफलता से भी आगे बढ़ना पड़ता है.
ममता यादव: साल 2019 में AIR-556 और 2020 में AIR-5
दरअसल, ममता यादव ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2019 में अखिल भारतीय स्तर पर 556वीं रैंक हासिल की. यह यूपीएससी में ममता यादव का पहला प्रयास था. तब ममता को भारतीय रेलवे कार्मिक सेवा आवंटित हुई और उन्होंने प्रशिक्षण भी शुरू कर दिया था. इसी दौरान यूपीएससी 2020 में उन्होंने देशभर में पांचवीं रैंक हासिल की. 556 से 5 रैंक तक पहुंचना, यानी 551 रैंक की छलांग लगाना, यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में बेहद बड़ी उपलब्धि मानी जाती है.
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ममता यादव आईएएस कौन हैं?
आईएएस ममता यादव हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के गांव बसई की रहने वाली हैं. उनका परिवार लंबे समय से दिल्ली में रह रहा है. ममता यादव के पिता अशोक यादव एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं, जबकि उनकी मां सरोज यादव गृहिणी हैं. ममता यादव ने दिल्ली के बलवंतराय मेहता विद्या भवन से शुरुआती पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री ऑनर्स में बीएससी की डिग्री प्राप्त की. ममता यादव का जन्म 26 अप्रैल 1997 को हुआ था. इस लिहाज से वे जनरेशन जेड (Gen Z) की आईएएस अधिकारी हैं. जनरेशन जेड उन लोगों की पीढ़ी को कहा जाता है जिनका जन्म 1997 से 2012 के बीच हुआ है.
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आईएएस ममता यादव का सर्विस रिकॉर्ड
आईएएस बनने के बाद ममता यादव को एजीएमयूटी कैडर आवंटित किया गया. एजीएमयूटी एक संयुक्त कैडर है, जिसके अधिकारियों की तैनाती अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और विभिन्न केंद्र शासित प्रदेशों में की जाती है. ऐसे में ममता यादव को दिल्ली के बाद अब जम्मू-कश्मीर में तैनाती मिली है. ममता यादव दिल्ली नगर निगम के केशव पुरम जोन में उपायुक्त पद पर भी सेवाएं दे चुकी हैं. हाल ही में 7 अक्टूबर 2026 को जम्मू-कश्मीर प्रशासन में 49 आईएएस और पीएसीएस अधिकारियों के तबादले व नई नियुक्तियां की गईं. इसी प्रशासनिक फेरबदल में चर्चित आईएएस अतहर आमिर खान के साथ ही 2021 बैच की आईएएस अधिकारी ममता यादव को जम्मू-कश्मीर के सूचना निदेशक पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
अपने गांव की पहली आईएएस अधिकारी
ममता यादव ने कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद एसएससी सीजीएल की तैयारी शुरू की थी. वर्ष 2018 में उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की. वर्ष 2019 में पहली और 2020 में दूसरी बार यूपीएससी सीएसई में किस्मत आजमाई. दोनों बार परीक्षा पास की और अपने गांव बसई की पहली आईएएस अधिकारी बनने का गौरव हासिल किया.
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