Dashrath Singh 138 degrees : राजस्थान के झुंझुनूं जिले से आई ये कहानी हर किसी को हैरान कर रही है. जहां आमतौर पर लोग एक या दो डिग्री लेकर नौकरी में आगे बढ़ते हैं, वहीं पूर्व सैनिक दशरथ सिंह ने पढ़ाई को ही अपनी पहचान बना लिया. 55 साल की उम्र में 138 डिग्री और डिप्लोमा हासिल करना अपने आप में बड़ी बात है. खास बात ये है कि उनका ये सफर अभी भी जारी है. हाल ही में इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में उन्होंने वेदिक स्टडीज में मास्टर्स डिस्टिंक्शन के साथ पूरा किया, जिससे उनकी चर्चा और बढ़ गई.
पढ़ाई की कमी ने बदल दी सोचदशरथ सिंह एक किसान परिवार से आते हैं, जहां पढ़ाई का माहौल ज्यादा नहीं था. सेना में रहते हुए उन्हें अक्सर लगता था कि उनकी पढ़ाई पूरी नहीं हुई है. यही सोच धीरे-धीरे उनके अंदर कुछ नया करने की चाह बन गई. 1988 में सेना जॉइन करने के बाद भी उन्होंने पढ़ाई नहीं छोड़ी. छुट्टियों का समय उनके लिए आराम नहीं बल्कि किताबों के साथ बिताने का समय होता था.
सेना से रिटायर होने के बाद उन्होंने पूरी तरह पढ़ाई पर ध्यान दिया. बीकॉम से शुरुआत की और फिर LLB, LLM, BJMC और B.Ed जैसी कई डिग्रियां हासिल कीं. इसके साथ ही अलग-अलग यूनिवर्सिटी से कई कोर्स भी किए. धीरे-धीरे उनकी डिग्रियों की संख्या इतनी बढ़ गई कि लोग उन्हें जानने लगे.
रिकॉर्ड बनाने वाली उपलब्धियांआज उनके पास 3 पीएचडी, 7 ग्रेजुएशन डिग्री, 46 पोस्टग्रेजुएशन डिग्री, 23 डिप्लोमा और 50 से ज्यादा सर्टिफिकेट हैं. यही नहीं, उनके नाम 11 वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज बताए जाते हैं. इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स जैसी संस्थाओं ने भी उनकी इस उपलब्धि को मान्यता दी है.
अब दूसरों के लिए बन रहे सहारा
दशरथ सिंह ने अपनी पढ़ाई का इस्तेमाल दूसरों की मदद के लिए भी किया. उन्होंने लॉ की पढ़ाई की और अब सेना के सप्त शक्ति कमांड में लीगल एडवाइजर के तौर पर काम कर रहे हैं. यहां ये सर्विंग और रिटायर्ड जवानों की मदद करते हैं.
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