चीन की इस लाइब्रेरी में हैं 12 लाख से ज्यादा किताबें, देखकर दंग रह जाएंगे आप...!

आपने लाइब्रेरी के बारे में खूब सुना होगा लेकिन चीन की फ्यूचरिस्टिक लाइब्रेरी एक बार देख लेंगे तो दंग रह जाएंगे. यहां पर 12 लाख से ज्यादा किताबें रखी हुई हैं.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
इस लाइब्रेरी में किताबों को रखने का ट्रेडिशनल तरीका नहीं है.

China library : आज के समय में लोग घर से ज्यादा लाइब्रेरी में जाकर पढ़ना पसंद करते हैं क्योंकि वहां पर शांति होती है साथ ही ढेर सारी किताबें होती हैं, जिन्हें पढ़कर मन शांत हो जाता है और आपका फोकस भी बढ़ता है. सरकारी एग्जाम की तैयारी कर रहे स्टूडेंट आपके अक्सर लाइब्रेरी में ही पढ़ते हुए नजर आएंगे. इंडिया में बहुत जगह पर लाइब्रेरी हैं जिनकी काफी तारीफ होती है मगर एक बार आप चीन की ये लाइब्रेरी देख लेंगे तो चौंक जाएंगे. हम चीन की फ्यूचरिस्टिक लाइब्रेरी की बात कर रहे हैं. जो लोगों को बहुत अट्रैक्ट करती है. यहां की टेक्नोलॉजी का कोई मेल नहीं है.

ये लाइब्रेरी चीन के तियानजिन शहर में स्थित है, जिसे आंख के नाम से भी जाना जाता है.

इन 5 जीव के बिना थम जाएगी जिंदगी की रफ्तार, जानिए क्यों....!

कैसी है लाइब्रेरी

इस लाइब्रेरी का डिजाइन और इसकी भव्यता अद्भुत है. इसे डच आर्किटेक्ट फर्म एमवीआरडीवी ने डिजाइन किया था. ये 34,000 वर्ग मीटर में फैली हुई है. इस लाइब्रेरी की सबसे खास बात इसकी विशाल, गोलाकार, सफेद गेंद जैसा स्ट्रक्चर है, जो लाइब्रेरी के बीचों-बीच स्थित है और जिसे चारों तरफ से सीढ़ियों और किताबों की अलमारियों से घेरा गया है. इसकी वजह से यह लाइब्रेरी एक विशाल आंख जैसी दिखती है.

12 लाख से ज्यादा किताबें हैं

इस लाइब्रेरी में किताबों को रखने का ट्रेडिशनल तरीका नहीं है. यहां किताबों को एक खास तरीके से डिजाइन की गई टेरेस जैसी अलमारियों में रखा जाता है, जो छत तक जाती हैं. लाइब्रेरी में लगभग 1.2 मिलियन किताबें रखी जा सकती हैं. इस लाइब्रेरी को देखकर ऐसा लगता है, जैसे यह किसी साइंस फिक्शन फिल्म का हिस्सा हो. यहां का डिजाइन ऐसा है, जो लोगों को न सिर्फ पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करता है, बल्कि उन्हें एक अनोखा अनुभव भी देता है. यह लाइब्रेरी पढ़ने-लिखने के साथ-साथ एक लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेस भी बन गई है.

Featured Video Of The Day
Supreme Court का ऐतिहासिक फैसला: सिर्फ झगड़ा करना दहेज उत्पीड़न (498A) नहीं! | Ashish Bhargava
Topics mentioned in this article