छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) की 12वीं बोर्ड परीक्षा में बलौदा बाजार जिले के पलारी निवासी जिज्ञासु वर्मा ने पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है. सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र जिज्ञासु वर्मा ने 500 में 493 अंक हासिल किए हैं. 12वीं बोर्ड परीक्षा में 98.60 प्रतिशत लाने वाले जिज्ञासु वर्मा से NDTV ने खास बातचीत की. इस दौरान जिज्ञासु वर्मा ने अपनी सफलता का मंत्र बताया. साथ ही जो छात्र आनेवाले समय में बोर्ड परीक्षा देने वाले हैं, उनके लिए खास टिप्स भी शेयर किए, जिनकी मदद से एग्जाम में अच्छे अंक लाने में मदद मिलेगी.
अधूरे सपने को किया पूरा
जिज्ञासु ने बताया कि 10वीं बोर्ड परीक्षा में वह टॉप-10 मेरिट सूची में आने से मात्र 2 अंक से चूक गए थे. उस समय उन्होंने 600 में 581 अंक प्राप्त कर 96.83 प्रतिशत हासिल किए थे. जबकि मेरिट सूची का अंतिम अंक 583 था. उस अधूरे सपने को उन्होंने अपनी प्रेरणा बनाया और 12वीं में उसकी पूरी कसर निकाल दी. इस बार उन्होंने सीधे प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर अपनी मेहनत को साबित कर दिया. जिज्ञासु ने हिंदी में 99, इंग्लिश में 98, फिजिक्स में 97, केमिस्ट्री में 100 और मैथमेटिक्स में 99 अंक हासिल किए. खासतौर पर केमिस्ट्री में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त कर उन्होंने अपनी मजबूत तैयारी का परिचय दिया है.
सफलता का दिया मंत्र-
1.आप रोज़ कितने घंटे पढ़ते थे?
जिज्ञासु वर्मा ने अपनी पढ़ाई पर बात करते हुए बताया कि उन्होंने तो पहले कम तैयारी की. लेकिन जैसे ही एग्जाम पास आए, तो तैयारी तेज कर दी. एक पैटर्न बनाया और रोज पढ़ाई करना शुरू कर दिया. जितना टाइम निकल जाता था, उतना पढ़ाई करते थे.
2.पूरे दिन का रूटीन क्या था
जिज्ञासु वर्मा ने बताया कि वो जब समय मिलता था पढ़ाई कर लेते हैं. एग्जाम के आखिरी दिनों में अच्छे से ध्यान लगाया और अधिक से अधिक समय पढ़ाई पर ही दिया. साथ ही उन्होंने कहा कि स्कूल में अच्छे से पढ़ाई होती थी तो पढ़ाई करने में कोई दिक्कत नहीं हुई. घर आकर सब पढ़ते थे और आसानी से सब याद हो जाता था.
3.आपने किन सब्जेक्ट्स पर सबसे ज़्यादा फ़ोकस किया?
जिज्ञासु मैथ्स स्ट्रीम के छात्र हैं. उन्होंने मैथ्स के साथ केमिस्ट्री और फिजिक्स को अच्छे से मैनेज किया. जिज्ञासु ने बताया कि स्कूल में पढ़ाई अच्छे होती थी, ऐसे में कभी कोई दिक्कत नहीं आई, इन विषयों को पढ़ने में. जो स्कूल में पढ़ाया जाता है, उसपर अच्छे से फोकस करना चाहिए.
4.बच्चों को क्या सलाह देने चाहते हैं
उन्होंने कहा कि यह सफलता लगातार मेहनत, नियमित पढ़ाई और बार-बार रिवीजन का परिणाम है. उन्होंने अन्य विद्यार्थियों को भी संदेश दिया कि शुरुआत से ही पढ़ाई पर ध्यान दें और नियमित रूप से रिवीजन करते रहें, इससे अच्छे परिणाम जरूर मिलते हैं.
5. भविष्य में क्या बनने चाहते हैं
जिज्ञासु ने अपने भविष्य पर बात करते हुए कहा कि वो सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का सपना देखते हैं. अब वे इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी में जुटेंगे.
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परिवार ने हमेशा दिया साथ
जिज्ञासु की माता महेश्वरी वर्मा जो प्राथमिक शाला सुकदा में शिक्षिका हैं ने नियमित पढ़ाई करने की बात कही, वहीं पिता के पिता नरेंद्र वर्मा जो पलारी में किराना व्यापारी हैं ने बेटे की सफलता पर उसकी मेहनत और लगन के साथ शुरू से अव्वल रहने की जानकारी दी. माता-पिता ने बेटे की इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जिज्ञासु शुरू से ही पढ़ाई में गंभीर और अनुशासित रहा है. परिवार ने हमेशा उसे पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया और आज उसकी मेहनत का परिणाम पूरे प्रदेश के सामने है.
राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने दी बधाई
राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने भी जिज्ञासु वर्मा, उनके परिवार, स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल पलारी बल्कि पूरे बलौदा बाजार जिले के लिए गर्व का विषय है। ऐसे होनहार छात्र प्रदेश और देश का भविष्य हैं. पलारी का यह होनहार छात्र अब पूरे छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गया है. 10वीं में सिर्फ 2 अंकों से छूटा सपना 12वीं में प्रदेश टॉपर बनकर पूरा हुआ, और यही कहानी आज हर छात्र के लिए मेहनत और धैर्य की मिसाल बन गई है.
दीपेंद्र शुक्ला की रिपोर्ट