प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को ऐसे शिक्षकों की सेवा समाप्त करने के आदेश दिए हैं, जिन्होंने NIOS से 18 महीने का डीएलएड कोर्स किया है. विभाग को अपनी जांच में पता चला है कि नियमों के विपरीत हजारों ऐसे अभ्यर्थी शिक्षक के रूप में बहाल हुए हैं. अब उन सभी को हटाने की कवायद हो रही है. प्राथमिक शिक्षा निदेशालय की तरफ से सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र जारी कर ऐसे शिक्षकों की सेवा समाप्त करने के निर्देश दिए गए हैं. विज्ञापन में यह स्पष्ट उल्लेख था कि यह डिग्री नियुक्ति के लिए मान्य नहीं होगी. शिक्षा विभाग ने 2023 में ही NIOS के 18 महीने वाले डीएलएड कोर्स को नियुक्ति के लिए मान्य नहीं माना था.
क्या है पूरा मामला
बिहार लोक सेवा आयोग ने जुलाई 2024 में 87 हजार पदों के लिए शिक्षक भर्ती परीक्षा कराई थी. TRE 3 के तहत प्राथमिक, मध्य और उच्च विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती हुई थी. शिक्षा विभाग ने फरवरी 2024 में विज्ञापन जारी किया था. विज्ञापन में यह स्पष्ट था कि NIOS से 18 महीने का डीएलएड कोर्स 6ठी - 8वीं तक की नियुक्ति के लिए मान्य नहीं होगा. लेकिन इस स्पष्टता के बावजूद कई शिक्षकों की नियुक्ति हुई है. इसलिए विभाग उन सभी शिक्षकों को नौकरी से बाहर करने की कवायद में जुटा है.
3 हजार शिक्षकों की नौकरी पर खतरा
NIOS से डीएलएड कोर्स करने वाले शिक्षकों का आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है, लेकिन विभाग के सूत्रों के मुताबिक यह संख्या 3 हजार के आसपास है. सरकार के नए आदेश के बाद ऐसे शिक्षकों के असमंजस है. विभाग ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को ऐसे शिक्षकों की नियुक्ति शीघ्र समाप्त करने को कहा है. ताकि TRE 4 के तहत होने वाली नियुक्ति और शिक्षकों के ट्रांसफर के दौरान ऐसे स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर की जा सके.