Bihar Budget 2026: बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साल 2026-27 का जो बजट पेश किया है, उसने राज्य के युवाओं के चेहरे पर मुस्कान ला दी है. इस बार सरकार का पूरा फोकस 'सड़क और नाली' से हटकर 'नौकरी और पढ़ाई' पर शिफ्ट हो गया है. अगर आप सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं या शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, तो यह बजट आपके लिए किसी तोहफे से कम नहीं है.
पुलिस महकमे में 31 हजार नई भर्तियां
इस बजट की सबसे बड़ी हेडलाइन पुलिस भर्ती है. सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ युवाओं को रोजगार देने के लिए 31,000 नई भर्तियों का एलान किया है. इसमें सबसे खास बात यह है कि 17,000 एसएपी (SAP) जवानों की बहाली होगी. इतना ही नहीं, पहली बार पैरा मिलिट्री के जवानों को भी इसमें मौका दिया जा रहा है.
इसके अलावा, 13,000 होमगार्ड के जवानों की तैनाती का भी रास्ता साफ हो गया है. इन जवानों को अब 1121 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय मिलेगा, जिससे हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी. बिहटा में फायर ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट और एआई (AI) तकनीक के इस्तेमाल से इस सेक्टर में भी टेक्निकल एक्सपर्ट्स के लिए नए रास्ते खुलेंगे.
शिक्षा सुधार के लिए खर्च होंगें 70 हजार करोड़
इस बार बिहार के बजट में शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है. साल 2026-27 के लिए करीब 70 हजार करोड़ रुपये शिक्षा पर खर्च होंगे. इसमें शिक्षा विभाग को 60204.60 करोड़, उच्च शिक्षा विभाग को 8003.57 करोड़ तथा विज्ञान, टेक्नोलॉजी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को 1003.57 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि दी जा रही है. 534 प्रखंडों में मॉडल स्कूल खोले जाएंगे. 55 कॉलेजों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा. 211 नए डिग्री कॉलेज खुलेंगे और उच्च शिक्षण संस्थानों के विकास पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च होंगे.
मुंगेर, पूर्णिया और पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी को नए भवन मिलेंगे और सभी यूनिवर्सिटीज को समर्थ पोर्टल से जोड़ा जाएगा.
आपको बता दें कि मुंगेर, पूर्णिया और पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी को नए भवन मिलने से यहां स्टाफ और प्रोफेसरों की जरूरतें बढ़ेंगी, जिससे आने वाले समय में एकेडमिक सेक्टर में नौकरियों की भरमार रहेगी.
'एजुकेशन सिटी' की स्थापना की भी घोषणा की गई है, जो रिसर्च और इनोवेशन का बड़ा केंद्र बनेगा. वहीं साल में दो बार छह लाख शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा. स्कूल भवनों के निर्माण और मरम्मत पर भी भारी राशि खर्च होगी.
जेलों में भी पढ़ाई और बदलाव
जेल व्यवस्था में भी बदलाव हुआ है. सभी जेलों में CCTV कैमरे लगा दिए गए हैं और हर गतिविधि पर ऑनलाइन नजर रखी जा रही है. इसके अलावा एक पहाड़ी इलाके में हाई सिक्योरिटी जेल बनाने की योजना है, जहां खतरनाक अपराधियों को रखा जाएगा. सबसे अच्छी बात यह है कि अब जेल के अंदर भी पढ़ाई पर जोर दिया जा रहा है. बिहार ऐसा राज्य बन रहा है जहां सबसे ज्यादा बंदी पढ़ाई कर रहे हैं. इस साल 1256 बंदी 10वीं बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे.
कुल मिलाकर यह बजट बताता है कि बिहार अब सुरक्षित भी होगा और शिक्षित भी और यही उसकी असली ताकत बनेगी.