- बबीता मैम और परिमल सर ने सितंबर २००५ में प्रेम विवाह किया और उनकी लव स्टोरी सोशल मीडिया पर चर्चा में है
- दोनों हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले हैं और आईसीएस कोचिंग सेंटर का संचालन करते हैं
- उनकी दोस्ती कोचिंग के दौरान हुई थी, जहां परिमल सर ने बबीता मैम को शादी के लिए प्रपोज किया था
देश के मशहूर कोचिंग शिक्षकों में शामिल बबीता मैम और परिमल सर की लव स्टोरी किसी सुपरहिट फिल्म की कहानी से कम नहीं है. शादी के 21 साल बाद हरियाणा में उनकी दोस्ती के प्यार में बदलने और फिर विवाह मंडप तक पहुंचने की पूरी कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर कई पार्ट में सामने आ रही है. अब तक इसके तीन पार्ट रिलीज किए जा चुके हैं. तीनों वीडियो को छात्रों और सोशल मीडिया यूजर्स का भरपूर प्यार मिल रहा है.
बबीता मैम और परिमल सर हरियाणा के सोनीपत शहर के रहने वाले हैं. वे वहीं से अपने आईसीएस कोचिंग सेंटर का संचालन करते हैं. दोनों ने सितंबर 2005 में प्रेम विवाह किया था. अपनी शादी की 21वीं सालगिरह के अवसर पर उन्होंने छात्रों के साथ अपनी प्रेम कहानी शेयर की है. इसके तीन वीडियो babita__mam__official इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड किए गए हैं.
पार्ट-1: कोचिंग के दिनों की मुलाकात और दोस्ती की कहानी
बबीता मैम और परिमल सर की लव स्टोरी के पहले वीडियो में उनकी कोचिंग के दिनों की मुलाकात और दोस्ती का जिक्र है. जब छात्रों ने उनसे पूछा कि दोनों के बीच प्यार की शुरुआत कैसे हुई थी, तो बबीता मैम ने कहा कि अब उन्हें ठीक-ठीक याद नहीं कि उस समय क्या और कैसे हुआ था. इस पर पास बैठे परिमल सर ने कहा कि उन्हें वह सब आज भी हूबहू याद है.
परिमल सर बताते हैं, "मैं बबीता मैम को मैथ्स पढ़ाया करता था और ये मुझे इतिहास की तैयारी करवाती थीं. जिस दिन मैं उनसे अपने प्यार का इजहार करना चाहता था, उस दिन इन्होंने कोचिंग से छुट्टी ले ली थी. मैंने फोन करके कोचिंग में नहीं आने की वजह पूछी और कहा कि 5:40 या 6:40 वाली हरियाणा रोडवेज की बस से आ जाओ, आपसे बात करनी है. लेकिन ये उस दिन नहीं आईं."
उन्होंने आगे बताया कि अगले दिन कोचिंग में मुलाकात हुई. दोनों मैथ्स की क्लास से बंक मारकर बाइक पर गए और पंजाबी चौक के पास स्थित ट्रैफिक पुलिस पार्क पहुंचे. वहां पेड़ की छांव में बैठकर बातचीत की. यह दोनों की अकेले में पहली मुलाकात थी. इसी दौरान परिमल सर ने बबीता मैम को शादी के लिए प्रपोज किया और कहा कि वे दोनों एक-दूसरे के अच्छे जीवनसाथी बन सकते हैं. बबीता मैम ने भी हां कर दी और बताया कि वह भी उनके साथ शादी के बारे में सोच रही थीं. इसके बाद दोनों ने एक-एक गिलास जूस पिया और अपने-अपने घर लौट गए.
पार्ट-2: फरवरी में प्यार हुआ, सितंबर में शादी
बबीता मैम ने बताया कि परिमल सर उनकी जिंदगी में आने वाले पहले इंसान थे. उन्हें पहली बार प्यार भी उन्हीं से हुआ और शादी भी उन्हीं से हुई. उन्होंने कहा कि उनके मन में कभी भी टाइमपास जैसी कोई भावना नहीं थी. उन्होंने बताया, "ये मेरी सीमाओं को जानते थे और कभी ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहते थे, जिससे भविष्य में मेरे परिवार को शर्मिंदा होना पड़े या मुझे किसी तरह का पछतावा हो." बबीता मैम के अनुसार यह घटनाएं 28-29 फरवरी 2005 के आसपास की हैं. इसके बाद मार्च-अप्रैल में दोनों की परीक्षाएं हुईं. दोनों परीक्षा में सफल हुए और सितंबर 2005 में विवाह बंधन में बंध गए.
पार्ट-3: शादी के लिए परिवार कैसे माना?
अपनी और परिमल सर की प्रेम कहानी के तीसरे भाग में बबीता मैम ने बताया कि दोनों की शादी की बातचीत दिल्ली स्थित पार्लियामेंट हाउस में हुई थी. उन्होंने बताया कि उनके पिता ने परिमल सर को शादी की बात करने के लिए पार्लियामेंट हाउस बुलाया था. उस समय परिमल सर पायजामा-टी-शर्ट और घिसी हुई चप्पल पहनकर पहुंचे थे. कपड़ों का रंग भी उड़ा हुआ था.
बबीता मैम के अनुसार उस समय उनके पिता ने उनके लिए एक और लड़का देख रखा था. अगर परिमल सर पसंद नहीं आते, तो उनकी शादी किसी दूसरे मैथ्स शिक्षक से कर दी जाती. उन्होंने बताया कि पार्लियामेंट हाउस में उनके पिता ने परिमल सर से परिवार के बारे में विस्तार से जानकारी ली. पिता और दादा का नाम डायरी में नोट किया. जमीन-जायदाद के बारे में भी पूछा. इस पर परिमल सर ने बताया कि उनके पिता नहीं हैं और वह गांव में रहते हैं. बबीता मैम के मुताबिक, बातचीत के बाद उनके पिता ने कहा कि वह अपने भाइयों और बबीता की मां से चर्चा करके इस रिश्ते के बारे में अंतिम फैसला बताएंगे. इसके बाद दोनों अपने-अपने घर लौट गए. बाद में बात आगे बढ़ी तो परिवार वाले भी मान गए.
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