हिमाचल प्रदेश के 151 सरकारी स्कूल आने वाले एकेडमिक सेशन से सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) का करिकुलम अपनाने जा रहे हैं. हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा राज्य के 151 सरकारी स्कूल आने वाले एकेडमिक सेशन से CBSE का करिकुलम अपनाएंगे और उन्हें बोर्ड से एफिलिएशन मिल गया है. ठाकुर ने एक मीटिंग के दौरान शिक्षा विभाग के सीनियर अधिकारियों के साथ डिजिटल शिक्षा की पहल का रिव्यू किया. एक ऑफिशियल बयान के मुताबिक, उन्हें बताया गया कि इस महीने के आखिर तक होनहार छात्रों को 7,635 टैबलेट बांटे जाएंगे ताकि डिजिटल लर्निंग को मजबूत किया जा सके.
अधिकारियों को स्किल-बेस्ड एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए हॉर्टिकल्चर को वोकेशनल सब्जेक्ट के तौर पर शुरू करने के लिए स्कूलों की पहचान करने का भी निर्देश दिया गया. मंत्री ने कहा कि राज्य को नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग से डुअल कैटेगरी की मान्यता मिली है. यह सब्जेक्ट धीरे-धीरे और सही टीचिंग स्टाफ के साथ शुरू किया जाएगा .
870 टीचरों की होगी भर्ती
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि फाइनेंस डिपार्टमेंट ने 870 टीचरों के पदों को भरने की मंज़ूरी दी गई है. उन्होंने डिपार्टमेंट को साइंस और कॉमर्स स्ट्रीम में टीचरों की कमी को दूर करने के लिए रिक्रूटमेंट प्रोसेस में तेज़ी लाने का निर्देश दिया है. उन्होंने अधिकारियों से पेंडिंग रिक्रूटमेंट केस की डिटेल्स जमा करने को भी कहा ताकि जल्दी अपॉइंटमेंट पक्की हो सकें.
रिक्रूटमेंट मामलों का रिव्यू करते हुए, मंत्री को बताया गया कि लेक्चरर डायरेक्ट रिक्रूटमेंट एग्जाम में 1,427 टीचर शामिल हुए थे और रिजल्ट जल्द ही घोषित किए जाएंगे. इसके अलावा शिक्षा मंत्री ने विभाग को निर्देश दिया है कि जिन छात्रों को स्कूल मर्जर, डी-नोटिफिकेशन और रैशनलाइजेशन के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ा है, उन्हें ट्रांसपोर्ट की सुविधा दी जाए. यह निर्देश खासकर किन्नौर, चंबा और लाहौल-स्पीति जैसे दूर और आदिवासी जिलों में लागू किया जाएगा.