- कोलकाता के आनंदपुर में दो गोदामों में लगी भीषण आग में अब तक ग्यारह शव बरामद और 33 लोग लापता हैं
- आग में अधिकांश मृतक पुष्पांजलि गोदाम के कर्मचारी थे जबकि कुछ खाने-पीने की डिलीवरी यूनिट के कर्मचारी थे
- गोदाम के मालिक गंगाधर दास को पुलिस ने गिरफ्तार कर आठ दिन की रिमांड पर भेजा गया है
कोलकाता के आनंदपुर स्थित दो गोदामों में सोमवार तड़के लगी भीषण आग ने भयावह रूप ले लिया. हादसे के बाद अब तक 19 जली हुई लाशें बरामद की गई हैं, जबकि अभी भी कई लोग लापता बताए जा रहे हैं. कई लोग गोदाम परिसर में ही रहते थे और अधिकांश मजदूर पास के जिलों से आए थे, जो कि फूल सजावट का काम करते थे. आग की तीव्रता और लापता लोगों की संख्या को देखते हुए यह हादसा कोलकाता की हाल की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक बन सकता है.
गोदाम मालिक पुलिस हिरासत में
आनंदपुर के जिस गोदाम में यह आग लगी, उसके मालिक गंगाधर दास को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. मंगलवार को उन्हें बारुइपुर कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 8 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया. पूछताछ के दौरान आरोपी मीडिया और पुलिस के सवालों पर चुप्पी साधे रखी. जानकारी के अनुसार, मृतकों में अधिकतर पुष्पांजलि गोदाम के कर्मचारी थे, जबकि खाने-पीने की डिलीवरी यूनिट में काम करने वाले 3 कर्मचारी ही अलग थे.
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लापता लोगों की बड़ी संख्या से बढ़ी चिंता
मंगलवार शाम तक 19 शव बरामद कर लिए गए, लेकिन कई लोगों के लापता होने की सूचना ने चिंता और बढ़ा दी है. स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रतिक्रिया टीमें मलबे की तलाशी में जुटी हैं. ऐसी आशंका है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है.
ममता बनर्जी ने की आर्थिक सहायता और नौकरी की घोषणा
सीएम ममता बनर्जी ने आनंदपुर अग्निकांड पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के लिए राहत पैकेज की घोषणा की है.
सिंगूर में एक रैली के दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर मृतक के परिजनों को ₹10 लाख मुआवजा देगी. इसके अलावा ‘मॉमो कंपनी' और ‘डेकोरेटर्स कंपनी' की ओर से ₹5 लाख अतिरिक्त सहायता दी जाएगी. हर मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी. ममता बनर्जी ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही उन्होंने तत्काल बॉबी और अरूप को मौके पर भेजा था.
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घटना के बाद राजनीतिक हलचल तेज
इस हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राज्य सरकार, पुलिस और दमकल विभाग लगातार घटनास्थल पर डटे हुए हैं. मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिशें जारी हैं, जबकि पीड़ित परिवारों में कोहराम मचा हुआ है.













