यह ख़बर 31 जुलाई, 2012 को प्रकाशित हुई थी

परमाणु ऊर्जा महंगी : जीई सीईओ

खास बातें

  • भारत में परमाणु रिएक्टर बेचने को इच्छुक अमेरिकी कंपनी जेनरल इलेक्ट्रिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का कहना है कि परमाणु ऊर्जा दूसरे संसाधनों के मुकाबले इतनी अधिक महंगी है कि इसे ‘न्यायोचित ठहराना मुश्किल’ है।
लंदन:

भारत में परमाणु रिएक्टर बेचने को इच्छुक अमेरिकी कंपनी जेनरल इलेक्ट्रिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का कहना है कि परमाणु ऊर्जा दूसरे संसाधनों के मुकाबले इतनी अधिक महंगी है कि इसे ‘न्यायोचित ठहराना मुश्किल’ है।

अखबार फिनांशियल टाइम्स को दिए साक्षात्कार में कंपनी के मुख्य अधिकारी जेफ इम्मेल्ट ने कहा कि अधिकांश देश ऊर्जा के प्रमुख स्रोत गैस और पवन ऊर्जा की ओर रुख कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘सही रूप से देखा जाए तो आज की दुनिया गैस और पवन ऊर्जा की है। हम जब भी तेल कंपनियों से जुड़े लोगों से बातचीत करते हैं तो वे कहते हैं देखो हम अधिक से अधिक गैसों की खोज कर रहे हैं। परमाणु ऊर्जा को न्यायोचित ठहराना मुश्किल है। गैस इतनी सस्ती है कि कहीं न कहीं यह आर्थिक रूप से फायदेमंद है।’’

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उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मुझे लगता है कि गैस और पवन ऊर्जा अथवा सौर ऊर्जा को लेकर दुनिया के अधिकांश देश आगे बढ़ रहे हैं।’’ अखबार ने लिखा है कि इम्मेल्ट का बयान अमेरिका में शेल गैस उत्पादन में हुई प्रगति, जापान में 2011 में हुए फुकुशिमा परमाणु दुर्घटना और नवीनीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के घटते लागत और वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य पर उनके प्रभावों को बताता है।