खास बातें
- 3 जी रोमिंग को लेकर टेलीकॉम कंपनियां आपस में जो पैक्ट करती हैं वो नाजायज़ है। यह फैसला मंगलवार को इस विवाद पर बने टेलीकॉम ट्रिब्यूनल ने सुनाया है।
नई दिल्ली: 3 जी रोमिंग को लेकर टेलीकॉम कंपनियां आपस में जो पैक्ट करती हैं वो नाजायज़ है। यह फैसला मंगलवार को इस विवाद पर बने टेलीकॉम ट्रिब्यूनल ने सुनाया है। अब तक भारती एयरटेल वोडाफोन या आइडिया जैसी कंपनियां आपस में समझौता कर उन सर्कल्स में भी अपने ग्राहकों को 3 जी सर्विस देती रही हैं जिनके लाइसेंस उनके पास नहीं हैं।
बीते साल 23 दिसंबर को डीओटी ने इन्हें एक नोटिस जारी किया था और कहा था कि वह इसे फौरन रोकें और 24 घंटे में जवाब दें। ऐसा ही नोटिस टाटा टेलीसर्विसेज़ और एयरसेल को दिया गया जिन्होंने 6 सर्कल्स में आपसी समझौते से ये सर्विस दे रखी थी। हालांकि इन लोगों ने पहले ही ये सर्विस खत्म कर दी थी।