Zomato Platform Fee Hike: ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो (Zomato) ने अपने ग्राहकों को एक बार फिर बड़ा झटका दिया है. कंपनी ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस में 2.40 रुपये का एक और इजाफा किया है, जिसके बाद अब ग्राहकों को हर ऑर्डर पर 14.90 रुपये की प्लेटफॉर्म फीस चुकानी होगी. ये नई दरें शुक्रवार, 20 मार्च 2026 से लागू हो गई हैं. ये फीस जीएसटी से अलग है, जिसका मतलब है कि टैक्स जुड़ने के बाद ग्राहकों के बिल में फीस और बढ़कर दिखेगी.
क्यों बढ़ी प्लेटफॉर्म फीस?
जोमैटो के अनुसार, प्लेटफॉर्म फीस में ये बढ़ोतरी कंपनी के खर्चों को बैलेंस करने और सर्विस की क्वालिटी को बनाए रखने के लिए की गई है. कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी लागत बढ़ी है. इसके अलावा, कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भी रेस्टोरेंट इंडस्ट्री और डिलीवरी पार्टनर्स के मार्जिन पर दबाव बनाया है.
कैसा रहा प्लेटफॉर्म फीस का सफर
जोमैटो ने प्लेटफॉर्म फीस की शुरुआत अगस्त 2023 में केवल 2 रुपये प्रति ऑर्डर से की थी. तब से अब तक इसमें कई बार बढ़ोतरी की जा चुकी है:
- अगस्त 2023: ₹2 (शुरुआत)
- जनवरी 2024: ₹4
- अक्टूबर 2024: ₹10
- सितंबर 2025: ₹12.50
- मार्च 2026: ₹14.90 (अभी के रेट)
जोमैटो गोल्ड मेंबर्स पर भी असर
सबसे ज्यादा परेशानी की बात उन ग्राहकों के लिए है जिन्होंने जोमैटो गोल्ड की सदस्यता ली हुई है. आमतौर पर गोल्ड मेंबर्स को फ्री डिलीवरी की सुविधा मिलती है, लेकिन प्लेटफॉर्म फीस सभी ग्राहकों पर समान रूप से लागू होता है. चाहे आप मेंबर हों या नहीं, आपको हर ऑर्डर पर 14.90 रुपये की ये फीस देनी ही होगी.
स्विगी का मुकाबला
जोमैटो की प्रतिद्वंद्वी कंपनी स्विगी भी इसी राह पर चल रही है. अभी के समय में स्विगी की प्लेटफॉर्म फीस भी लगभग 14.99 रुपये के आसपास है. आमतौर पर देखा गया है कि जब एक कंपनी फीस बढ़ाती है, तो दूसरी भी जल्द ही अपनी कीमतें उसके बराबर कर देती है.














