WEF Davos 2026: स्विट्जरलैंड के खूबसूरत बर्फीले शहर दावोस में आज से वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की 56वीं वार्षिक बैठक का आगाज हो रहा है. इस महामंच पर दुनिया भर के दिग्गज नेता, बिजनस लीडर्स और एक्सपर्ट्स जुट रहे हैं. इस साल का विषय 'A Spirit of Dialogue' रखा गया है. 19 से 23 जनवरी तक चलने वाले इस वैश्विक समागम में भारत, अमेरिका, रूस, ब्रिटेन समेत करीब 130 देशों के 3,000 से ज्यादा लीडर्स हिस्सा ले रहे हैं.
इनमें 65 राष्ट्राध्यक्ष और सरकार के प्रमुख शामिल हैं. यहां जियो-पॉलिटिक्स, इकोनॉमी, ग्रोथ, तकनीक और पर्यावरण जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी.
इस वैश्विक समागम की पल-पल की अपडेट आप तक पहुंचाने के लिए NDTV के एडिटर्स की टीम दावोस पहुंच चुकी है.
NDTV नेटवर्क के CEO और एडिटर-इन-चीफ राहुल कंवल (Rahul Kanwal), NDTV 24x7 के सीनियर मैनेजिंग एडिटर विष्णु सोम, NDTV प्रॉफिट की मैनेजिंग एडिटर तमन्ना इनामदार और टेक्नोलॉजी एडिटर आयुष ऐलावाड़ी ग्राउंड जीरो से आपके लिए महत्वपूर्ण विषयों पर एक्सक्लूसिव रिपोर्ट और इंटरव्यूज सामने रखेंगे. NDTV के तमाम प्लेटफॉर्म्स पर WEF 2026 की विस्तृत कवरेज देखने को मिलेगी.
दावोस 2026: क्या है इस बार का एजेंडा?
दुनिया इस समय एक बड़े चौराहे पर खड़ी है. परंपरागत मान्यताएं बदल रही हैं और नए विकल्प आकार ले रहे हैं. ऐसे में 19 से 23 जनवरी तक चलने वाली इस बैठक में पांच मुख्य सवालों पर फोकस रहेगा: भू-राजनीति (Geopolitics), विकास (Growth), लोग (People), तकनीक (Technology) और पर्यावरण (Planet). NDTV Profit की मैनेजिंग एडिटर तमन्ना इनामदार, कई बड़े मुद्दों पर रिपोर्ट्स लेकर आएंगी.
ट्रंंप और भारत पर रहेंगी सबकी नजरें
इस बार दावोस में डोनाल्ड ट्रम्प की मौजूदगी सबसे ज्यादा चर्चा में है. टैरिफ, कूटनीति और वैश्विक गठबंधनों को लेकर ट्रम्प का रुख बाजारों की दिशा तय कर सकता है. वहीं, WEF के अध्यक्ष बोर्गे ब्रेंडे ने NDTV से बातचीत में भारत को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा, 'भारत इस साल भी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाला देश बना रहेगा और दुनिया की कुल ग्रोथ में 20% हिस्सेदारी अकेले भारत की हो सकती है.' ब्रेंडे ने यह भी उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच एक ट्रेड एग्रीमेंट (व्यापार समझौता) हो सकता है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद सकारात्मक होगा.
भारत के राज्यों की दमदार मौजूदगी
दावोस में 'इंडिया सेंटर' पर भारत अपनी ताकत दिखा रहा है. कर्नाटक से लेकर झारखंड और महाराष्ट्र से लेकर तेलंगाना तक, भारत के कई राज्यों के मुख्यमंत्री और प्रतिनिधि ग्लोबल इन्वेस्टर्स को आकर्षित करने के लिए वहां मौजूद हैं. BCG इंडिया के हेड राहुल जैन के मुताबिक, भारत 2030 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है और दावोस में चर्चा का मुख्य केंद्र यही है कि क्या इस लक्ष्य को 2028 तक ही हासिल किया जा सकता है.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और जोखिम
टेक्नोलॉजी के मोर्चे पर AI सबसे बड़ा विषय है. जहां इसे रिसर्च और विकास की गति बढ़ाने वाला माना जा रहा है, वहीं 'ग्लोबल रिस्क रिपोर्ट 2026' के अनुसार, देशों के बीच आर्थिक टकराव (Geo-economic confrontation) को सबसे बड़ा खतरा बताया गया है.
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