वर्ल्ड बैंक ने वित्त वर्ष 26 के लिए भारत का ग्रोथ अनुमान बढ़ाया, इस गति से बढ़ेगी इकोनॉमी 

वर्ल्ड बैंक ने रिपोर्ट में आगे कहा कि भारत इस साल भी दुनिया की सबसे तेज बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

वर्ल्ड बैंक की ओर से मंगलवार को भारत के वृद्धि दर के अनुमान को वित्त वर्ष 26 के लिए 6.3 फीसदी से बढ़ाकर 6.5 फीसदी कर दिया है. इसकी वजह मजबूत घरेलू मांग, ग्रामीण मांग में रिकवरी और कर सुधारों का सकारात्मक प्रभाव है. 

वर्ल्ड बैंक ने रिपोर्ट में आगे कहा कि भारत इस साल भी दुनिया की सबसे तेज बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा.

रिपोर्ट में वित्त वर्ष 26 में बांग्लादेश की वृद्धि दर 4.8 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है, जबकि भूटान के लिए हाइड्रोपावर कंस्ट्रक्शन में देरी के कारण वित्त वर्ष 26 के लिए पूर्वानुमान को घटाकर 7.3 फीसदी कर दिया गया है, लेकिन वित्त वर्ष 27 में निर्माण की गति बढ़ने पर इसमें बदलाव होने की उम्मीद है.

अन्‍य पड़ोसी देशों का हाल

वहीं, वित्त वर्ष 26 में मालदीव में विकास दर धीमी होकर 3.9 फीसदी रहने का अनुमान है, जबकि नेपाल में, हाल की अशांति और बढ़ी हुई राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितता के कारण वित्त वर्ष 26 में विकास दर घटकर 2.1 फीसदी रहने का अनुमान है.

Advertisement

इसके अलावा, भारत के दक्षिण में स्थित श्रीलंका की विकास को वित्त वर्ष 26 में बढ़ाकर 3.5 फीसदी कर दिया गया है. इसकी वजह पर्यटन और सेवा निर्यात में मजबूत वृद्धि थी.

विश्व बैंक के दक्षिण एशिया वाइस प्रेसिडेंट जोहान्स जुट ने कहा, "दक्षिण एशिया में अपार आर्थिक क्षमताएं हैं और यह अभी भी दुनिया में सबसे तेजी से विकास करने वाला क्षेत्र है, लेकिन देशों को विकास के जोखिमों से सक्रिय रूप से निपटने की जरूरत है."

Advertisement

केंद्रीय बैंक RBI ने भी बढ़ाया था अनुमान

आरबीआई ने अक्टूबर एमपीसी में चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी वृद्धि अनुमान को 6.5 फीसदी से बढ़ाकर 6.8 फीसदी कर दिया है. साथ ही, केंद्रीय गवर्नर ने कहा कि पहली तिमाही में जीडीपी में देखी गई तेजी बनी हुई है. चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी की विकास दर 7 फीसदी, तीसरी तिमाही में 6.4 फीसदी और चौथी तिमाही में 6.2 फीसदी रह सकती है.

इसके अतिरिक्त, केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 26 (चालू वित्त वर्ष) के लिए रिटेल महंगाई दर के अनुमान को घटाकर 2.6 फीसदी कर दिया, जो कि अगस्त 3.1 फीसदी पर था.

चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के लिए महंगाई दर के अनुमान को 2.1 फीसदी से घटाकर 1.8 फीसदी, तीसरी तिमाही के अनुमान को 3.1 फीसदी से घटाकर 1.8 फीसदी और चौथी तिमाही के लिए 4 फीसदी कर दिया है.
 

Featured Video Of The Day
Iran Israel War: Trump ने बार-बार डेडलाइन क्यों बदली? Iran US Ceasefire | Sucherita Kukreti | PAK