Wipro share buyback 2026: आईटी सेक्टर की बड़ी कंपनी विप्रो ने अपने निवेशकों के लिए बड़ी घोषणा की है. कंपनी के बोर्ड ने ₹15,000 करोड़ के शेयर बायबैक प्लान को मंजूरी दे दी है, जो अब तक का कंपनी का सबसे बड़ा बायबैक है. इसके साथ ही कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹11 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड देने का भी फैसला किया है. यह कदम शेयरधारकों को अतिरिक्त रिटर्न देने और कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति का संकेत माना जा रहा है.
₹250 प्रति शेयर पर होगा बायबैक, मौजूदा कीमत से करीब 19% ज्यादा
विप्रो ने बायबैक के लिए ₹250 प्रति शेयर का भाव तय किया है. यह कीमत बीएसई पर शेयर के करीब ₹210.20 के बंद भाव से लगभग 19 प्रतिशत ज्यादा है. आम तौर पर कंपनियां तब बायबैक लाती हैं जब वे अपने निवेशकों को अतिरिक्त नकद लौटाना चाहती हैं और बाजार को अपनी वित्तीय मजबूती का संकेत देना चाहती हैं.
कुल 60 करोड़ शेयर वापस खरीदेगी कंपनी
कंपनी ने बताया है कि इस योजना के तहत करीब 60 करोड़ इक्विटी शेयर वापस खरीदे जाएंगे. यह कंपनी की कुल चुकता इक्विटी पूंजी का करीब 5.7 प्रतिशत हिस्सा है. यह खरीद टेंडर ऑफर रूट के जरिए की जाएगी और इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी पोस्टल बैलेट के माध्यम से ली जाएगी.
बायबैक प्रक्रिया Q1 FY27 तक पूरी होने की उम्मीद
विप्रो की मुख्य वित्त अधिकारी अपर्णा अय्यर ने जानकारी दी है कि यह बायबैक प्रक्रिया शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही तक पूरी होने की उम्मीद है. यह लगभग तीन साल बाद कंपनी का पहला बायबैक भी होगा.
आईटी सेक्टर में तीसरा सबसे बड़ा बायबैक, Infosys और TCS आगे
₹15,000 करोड़ का यह बायबैक हाल के समय में आईटी सेक्टर के बड़े बायबैक में शामिल है, लेकिन आकार के हिसाब से अभी भी Infosys और TCS के बायबैक से छोटा है. इन्फोसिस ने नवंबर में ₹18,000 करोड़ का बायबैक पूरा किया था, जबकि टीसीएस ने दिसंबर 2023 में ₹17,000 करोड़ का शेयर बायबैक किया था. ₹18,000 करोड़ का बायबैक अब तक किसी भारतीय कंपनी का सबसे बड़ा बायबैक माना जाता है.
प्रमोटर ग्रुप भी बायबैक में ले सकता है हिस्सा
कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया है कि प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप के सदस्यों ने इस प्रस्तावित शेयर बायबैक कार्यक्रम में भाग लेने की इच्छा जताई है. बायबैक प्रक्रिया को लागू करने के लिए कंपनी ने एक विशेष कमेटी भी बनाई है.
FY26 के लिए ₹11 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड का ऐलान
विप्रो ने यह भी स्पष्ट किया है कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान घोषित ₹11 का अंतरिम डिविडेंड ही अब उसी वर्ष का अंतिम डिविडेंड माना जाएगा. इससे शेयरधारकों को नकद रिटर्न का अतिरिक्त फायदा मिलेगा.
कंपनी के मुताबिक FY26 के दौरान ही लगभग 1.3 अरब डॉलर की राशि डिविडेंड के रूप में शेयरधारकों को दी गई है. इससे तीन साल के ब्लॉक (FY24-FY26) में कुल भुगतान अनुपात 88 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो कंपनी की घोषित पूंजी आवंटन नीति से ज्यादा है.
Q4 रिजल्ट भी आया सामने, मुनाफा और रेवेन्यू दोनों बढ़े
मार्च 2026 को समाप्त चौथी तिमाही में विप्रो का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 1.89 प्रतिशत बढ़कर ₹3,501.8 करोड़ हो गया. इसी अवधि में कंपनी की ऑपरेशंस से आय 7.6 प्रतिशत बढ़कर ₹24,236.3 करोड़ रही. यह घोषणा कंपनी के तिमाही और पूरे साल के वित्तीय नतीजों के साथ ही की गई.














