EPS-95 Pension Protest: एम्प्लॉई पेंशन स्कीम 1995 (EPS-95) में आने वाले पेंशनर्स ने अपनी काफी समय से चली आ रहीं मांगों को लेकर सोमवार को विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है. रिटायर्ड कर्मचारियों का कहना है कि अभी के समय में मिल रही पेंशन उनके लिए बहुत ही कम है और वे अपने हक को भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं.
EPS-95 Pension Protest
क्या हैं पेंशनहोल्डर्स की बड़ी मांगें
- फिलहाल कई पेंशनर्स को 1,000 रुपये से भी कम की पेंशन मिल रही है. उनकी मांग है कि इसे बढ़ाकर कम से कम 7500 रुपये प्रति महीने किया जाए. साथ ही इसे महंगाई भत्ते से जोड़ा जाए.
- दूसरी मांग मेडिकल फैसिलिटी को लेकर है. बढ़ती बीमारियों को देखते हुए पेंशन होल्डर्स और उनके जीवनसाथी के लिए फ्री मेडिकल फैसिलिटी की मांग की गई है.
- तीसरी मांग है जो कर्मचारी EPS-95 योजना में शामिल नहीं हो सके, उन्हें भी 5 हजार रुपये प्रति महीने की पेंशन दी जाए.
- इसके अलावा कहा गया है कि 4 नवंबर 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया था. जिसमें कहा था कि कर्मचारियों को उनकी रियल सैलरी के बेस पर अधिक पेंशन पाने का अधिकार है. पेंशनर्स चाहते हैं कि इसे बिना किसी देरी के लागू किया जाए.
EPS-95 विवाद की टाइमलाइन
साल 1995 में भारत सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि के जरिए EPS-95 योजना की शुरुआत की.
साल 2014 में सरकार ने ईपीएस संशोधन के जरिए पेंशन के लिए सैलरी की लिमिट 6500 से बढ़ाकर 15 हजार किया.
साल 2019-20 से देश भर में पेंशनर्स का आंदोलन तेज हुआ.
4 नवंबर 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने 2014 के संशोधन को वेलिड माना लेकिन कर्मचारियों को हायर पेंशन चुनने का एक और मौका दिया.
साल 2023-24 में ईपीएफओ ने हायर पेंशन के लिए प्रोसेस शुरू किया.
और अब मार्च 2026 अपनी मांगों के पूरा ना होने पर पेंशनर्स ने बड़े विरोध-प्रदर्शन की बात कही.














