क्‍या धरती के नीचे छिपा ये खजाना है वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले की वजह?

US Venezuela Tension: अमेरिका के इस हवाई हमले ने वेनेजुएला की कमर तोड़ दी है. राजधानी काराकास में हुए धमाके सिर्फ सैन्य हमला नहीं हैं, बल्कि यह वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था पर भी करारी चोट है.

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  • अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ कर राजधानी काराकस पर हवाई हमला किया
  • वेनेजुएला के पास दुनिया के कुल तेल भंडार का लगभग 18 प्रतिशत हिस्सा मौजूद है
  • वेनेजुएला का तेल हैवी क्रूड ऑयल है जो गाढ़ा होने के कारण निकालना और रिफाइन करना महंगा है
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US Venezuela Tension: दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठा है. एक तरफ आसमान से अमेरिकी मिसाइलें बरसीं, तो दूसरी तरफ देश की अर्थव्यवस्था आईसीयू में है. बीती रात अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास पर जोरदार हवाई हमला किया, साथ ही वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को पकड़ लिया और देश से बाहर ले गए,  जिससे पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया है. आधी रात को हुए इन धमाकों ने न केवल इमारतों को हिलाया, बल्कि वैश्विक तेल बाजार में भी हलचल पैदा कर दी है.

लेकिन इस सैन्य कार्रवाई के धुएं के पीछे एक बड़ा सवाल खड़ा है कि क्या अमेरिका ने यह हमला वाकई अपराध खत्म करने के लिए किया, या फिर निशाना वेनेजुएला के नीचे छिपा दुनिया का सबसे बड़ा खजाना है?

तेल का समंदर, जिस पर दुनिया की नजर

वेनेजुएला के पास 303 अरब बैरल कच्चा तेल है. यह दुनिया के कुल भंडार का लगभग 18% है. इसके बाद सऊदी अरब के पास 267.2 बिलियन बैरल और अमेरिका के पास सिर्फ 55 बिलियन बैरल तेल मौजूद है. हैरानी की बात यह है कि अमेरिका के पास वेनेजुएला के मुकाबले 5 गुना कम तेल है, लेकिन उसकी कमाई और ताकत वेनेजुएला से कोसों आगे है.

कहां फंसा पेच? 

वेनेजुएला की गरीबी के पीछे सबसे बड़ी वजह उसका तेल ही है. यहां का तेल हैवी क्रूड ऑयल (Heavy Crude Oil) है. यह तेल शहद की तरह गाढ़ा और चिपचिपा होता है, जिसे जमीन से निकालना बेहद मुश्किल और खर्चीला है. साथ ही इसे रिफाइन करने के लिए हाई लेवल की तकनीक और बड़े निवेश की जरूरत होती है. साथ ही ज्यादा सल्फर होने की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत भी कम मिलती है. यानी मेहनत ज्यादा, मुनाफा कम वाली बात है. इस हैवी क्रूड को रिफाइन करने की तकनीक अमेरिकी कंपनियों के पास है. ऐसे में इन तेल कुओं की चाबी फिर से वाशिंगटन के हाथों में आने की संभावना बढ़ गई है. 

अमेरिका की गल्फ कोस्ट रिफाइनरियां खास तौर पर हैवी क्रूड के लिए बनी हैं. शेल बूम के बाद अमेरिका के पास हल्का तेल तो बहुत है, लेकिन हैवी क्रूड की जरूरत अब भी बनी हुई है. पहले यह जरूरत वेनेजुएला पूरी करता था, अब अमेरिका को कनाडा और मेक्सिको से महंगा हैवी ऑयल लेना पड़ रहा है. यही वजह है कि तमाम मुश्किलों के बावजूद वेनेजुएला का हैवी ऑयल आज भी वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजार में खास बना हुआ है.

कमाई का अंतर देख रह जाएंगे दंग

साल 2023 के आंकड़े इस बर्बादी की गवाही देते हैं. जहां सऊदी अरब ने तेल बेचकर 181 अरब डॉलर कमाए, वहीं, दुनिया के सबसे बड़े भंडार वाले वेनेजुएला के हाथ सिर्फ 4.05 अरब डॉलर ही आए. अमेरिका ने भी कम भंडार के बावजूद 125 अरब डॉलर का तेल निर्यात कर दिया.

अमेरिका के इस हवाई हमले ने वेनेजुएला की कमर तोड़ दी है. राजधानी काराकास में हुए धमाके सिर्फ सैन्य हमला नहीं हैं, बल्कि यह वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था पर भी करारी चोट है. आज यह देश इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है कि सिर्फ संसाधन होने से कोई देश अमीर नहीं बनता, उसके लिए सही विजन, तकनीक और मैनेजमेंट की जरूरत होती है. 

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