- बजट में 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब खोलने का एलान.
- एनीमेशन, गेमिंग, वीएफएक्स जैसे सेक्टर में युवाओं को स्किल ट्रेनिंग मिलेगी.
- एवीजीसी टैलेंट डेवलपमेंट के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान.
केंद्रीय बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने युवाओं के लिए एक बड़ी पहल का एलान किया है. सरकार देशभर के 15 हजार स्कूलों और 500 कॉलेजों में ‘एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब' शुरू करने जा रही है. यह पहल सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की प्रमुख योजना ‘इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज' (मुंबई) के तहत लागू होगी.
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि भारत का एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स यानी एवीजीसी सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है और 2030 तक इस इंडस्ट्री को करीब 20 लाख प्रोफेशनल्स की जरूरत पड़ेगी. ऐसे में स्कूल और कॉलेज स्तर पर ही छात्रों को इस क्षेत्र की ट्रेनिंग देना जरूरी है.
उन्होंने कहा, “मैं 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज को सहयोग देने का प्रस्ताव करती हूं.” इन लैब्स में छात्रों को एनीमेशन, गेम डिजाइन, वीडियो एडिटिंग, वीएफएक्स और डिजिटल स्टोरीटेलिंग जैसे कौशल सिखाए जाएंगे.
इस बार केंद्रीय बजट में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को कुल 4,551.94 करोड़ रुपये दिए गए हैं. इसमें से बड़ी राशि प्रसार भारती के कामकाज के साथ-साथ एवीजीसी सेक्टर में टैलेंट डेवलपमेंट और सामुदायिक रेडियो के विस्तार पर खर्च होगी.
सरकार ने खास तौर पर एवीजीसी क्षेत्र में प्रतिभा विकास के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इसका मकसद युवाओं को कंटेंट क्रिएशन के नए दौर के लिए तैयार करना और उन्हें रोजगार के नए मौके देना है.
सरकार का मानना है कि इन लैब्स के जरिए गांव-शहर हर जगह के छात्र डिजिटल दुनिया से जुड़ पाएंगे और भारत को ग्लोबल क्रिएटिव हब बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम आगे बढ़ेगा.














