सैलरीड क्लास के लिए गुड न्यूज, 1 अप्रैल से बदलेंगे Income Tax के नियम, मील कार्ड के जरिए ऐसे बचाएं ₹1.05 लाख

Income Tax Rules 2026: 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए इनकम टैक्स नियमों के तहत अब मील कार्ड, वाउचर या ऑफिस कैंटीन के खाने पर मिलने वाली टैक्स छूट काफी बढ़ गई है. इससे कर्मचारी सालाना ₹1.05 लाख तक टैक्स बचा सकते हैं.

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Meal Card Tax Exemption: अगर आपकी सैलरी ₹15 लाख से ₹30 लाख के बीच है, तो मील कूपन के जरिए आपका टैक्सेबल इनकम कम हो जाएगा. (AI Image)
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नई दिल्ली:

सैलरीड क्लास (Salaried Employees) के लिए एक गुड न्यूज है. अगर आप अपनी मेहनत की कमाई का बड़ा हिस्सा इनकम टैक्स में गंवा देते हैं, तो 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए नियम आपको बड़ी राहत देने वाले हैं. अब आप अपने ऑफिस से मिलने वाले मील कार्ड, वाउचर या कैंटीन के खाने के जरिए सालाना ₹1.05 लाख तक का टैक्स बचा सकते हैं. आइए समझते हैं कि नए इनकम टैक्स रूल्स, 2026 आपकी जेब कैसे भरेंगे...

क्या है नया नियम और कैसे होगी टैक्स सेविंग?

सरकार ने मील वाउचर पर मिलने वाली टैक्स छूट की सीमा को चार गुना बढ़ा दिया है. पहले मील वाउचर पर टैक्स छूट सिर्फ ₹50 प्रति मील थी. यानी अगर दिन में दो मील मिलते थे तो ₹100 तक ही छूट मिलती थी.अब यह सीमा बढ़ाकर ₹200 प्रति मील कर दी गई है.

अगर आप दिन में दो बार ऑफिस का खाना या कूपन इस्तेमाल करते हैं, तो समझिए कैसे  ₹1.05 लाख टैक्स बचा सकते हैं...

  • एक दिन का फायदा: ₹200 × 2 मील = ₹400 प्रतिदिन
  • एक महीने की बचत: ₹400 × 22 वर्किंग डेज = ₹8,800  प्रति माह
  • पूरे साल का टैक्स बेनिफिट: ₹8,800 × 12 महीने = ₹1,05,600 सालाना

यानी सही तरह से प्लानिंग करके आप हर साल ₹1.05 लाख तक की टैक्स छूट पा सकते हैं.

किन लोगों को मिलेगा फायदा?

जिन कर्मचारियों को कंपनी की तरफ से ये सुविधाएं मिलती हैं जैसे मील कार्ड (जैसे Sodexo/Pluxee, Zaggle),मील वाउचर या कूपन,ऑफिस कैंटीन में सब्सिडाइज्ड खाना उन्हें इस नए नियम का सीधा फायदा मिलेगा.

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ओल्ड और न्यू टैक्स रिजीम, क्या दोनों में मिलेगा फायदा?

नए नियमों में साफ नहीं बताया गया है कि यह छूट नए टैक्स रिजीम में मिलेगी या नहीं. इसी वजह से एक्सपर्ट्स की राय अलग-अलग है.लेकिन अधिकतर का मानना है कि इसका फायदा दोनों जगह मिल सकता है.

ET की एक रिपोर्ट के मुताबिक, Deloitte India की डायरेक्टर प्रीति गुप्ता का कहना है कि 1962 के पुराने नियमों में नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) के लिए कुछ पाबंदियां थीं, लेकिन इनकम टैक्स रूल्स, 2026 में ऐसी कोई साफ पाबंदी नहीं दिखती. इसलिए, जब तक सरकार अलग से मना न करे, आप दोनों  टैक्स रिजीम में इसका दावा कर सकते हैं. 

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चार्टर्ड अकाउंटेंट आशीष करुंडिया के अनुसार, अगर मील की वैल्यू ₹200 से कम है, तो इसे टैक्सेबल इनकम में जोड़ने की जरूरत ही नहीं हो सकती.यानी इसे सैलरी का हिस्सा ही नहीं माना जाना चाहिए चाहे आप कोई भी टैक्स रिजीम चुनें.

हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स जैसे Nangia & Co LLP के नीरज अग्रवाल का मानना है कि नए टैक्स रिजीम में किसी भी तरह की छूट या डिडक्शन नहीं मिलती, इसलिए यह फायदा सिर्फ पुराने टैक्स रिजीम में ही मिलेगा.

सैलरी के हिसाब से कितना होगा फायदा?

₹15 लाख से ₹30 लाख तक की सैलरी वाले कर्मचारियों के लिए यह छूट टैक्सेबल इनकम को कम करती है. इससे दोनों टैक्स रिजीम में टैक्स लायबिलिटी घट सकती है, खासकर पुराने रिजीम में इसका ज्यादा असर दिखता है.

उदाहरण के तौर पर,

  • ₹15 लाख CTC: ओल्ड टैक्स रिजीम में ₹95,659 टैक्स बनेगा, जबकि न्यू टैक्स रिजीम में यह ₹81,026 तक हो सकता है
  • ₹30 लाख CTC:  ओल्ड टैक्स रिजीम में  टैक्स ₹4,35,989 और न्यू टैक्स रिजीम में ₹4,42,853 के आसपास रहेगा.

(नोट: यह कैलकुलेशन स्टैंडर्ड डिडक्शन और मील कूपन छूट के बाद की गई है)

मील कार्ड का कैसे उठाएं फायदा?

यह बेनेफिट आपको Sodexo/Pluxee, Zaggle जैसे कार्ड्स या ऑफिस कैंटीन के खाने के रूप में मिलता है. बस ध्यान रहे कि यह आपके एम्प्लॉयर की पॉलिसी पर निर्भर करता है. अगर आपकी कंपनी मील कार्ड या फूड बेनिफिट देती है, तो यह बदलाव आपके लिए बड़ा मौका है. सही टैक्स प्लानिंग करके आप हर साल ₹1 लाख से ज्यादा की बचत कर सकते हैं.

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