Market Closing: लगातार दो दिनों की गिरावट के बाद आज भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त रौनक देखने को मिली. बुधवार, 1 अप्रैल को नए वित्त वर्ष की शुरुआत हुई और ट्रंप के बयान ने बाजार की अच्छ बोहनी कराई. सुबह जहां, बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी 2 फीसदी से ज्यादा चढ़ गए थे, जो कि शाम को बाजार क्लोज होते-होते सेंसेक्स 1300 अंक से ज्यादा उछाल के साथ बंद हुआ.
टॉप गेनर्स
- ट्रेंट (6.74)
- इंडिगो (6.01)
- अदाणी पोर्ट्स (5.47)
- बीईएल (4.54)
- एसबीआई (3.89)
टॉप लूजर्स
- सन फार्मा (-1.64)
- एनटीपीसी (-1.64)
- पावर ग्रिड (-1.13)
- भारती एयरटेल (-0.13)
कैसी रही सुबह की शुरुआत
सेंसेक्स में शुरुआती कारोबार में 2 प्रतिशत की उछाल दर्ज की गई. सुबह बाजार खुलते ही सेंसेक्स करीब 1,740 अंक (2.42%) उछलकर 73,687 के स्तर पर पहुंच गया, वहीं निफ्टी ने भी 511 अंकों (2.33%) की छलांग लगाई. सुबह 9:30 बजे सेंसेक्स 2.73 प्रतिशत यानी 1964.41 अंकों की बढ़त के साथ 73,911.96 पर ट्रेड कर रहा था, तो वहीं निफ्टी50 2.67 प्रतिशत या 596.40 अंक बढ़कर 22,927.80 पर कारोबार कर रहा था.
तेजी की वजह
इस तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका से आई एक पॉजिटिव खबर है.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध खत्म होने के संकेत दिए हैं, जिससे ग्लोबल मार्केट ने राहत की सांस ली है.दूसरी ओर, कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में हलचल जारी है. ब्रेंट क्रूड फिलहाल $105 प्रति बैरल के आसपास है.
अदाणी ग्रुप के शेयरों में भी बंपर तेजी
शेयर बाजार में छाई हरियाली से अदाणी ग्रुप के शेयरों में भी बंपर तेजी देखी गई. अदाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज आज करीब 5 फीसदी चढ़ गया. इसके अलावा अदाणी पोर्ट्स,अदाणी ग्रीन एनर्जी ,अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के शेयरों में भी शानदार उछाल आया है.
ट्रंप के एक बयान से शेयर बाजार में तूफानी तेजी
शेयर बाजार में आज जो तूफानी तेजी दिख रही है, उसके पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान है जिसने निवेशकों में नई उम्मीद जगा दी है. ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध अगले दो सप्ताह के भीतर खत्म हो सकता है. उन्होंने यहां तक कहा कि अमेरिकी सेना बहुत जल्द अपना ऑपरेशन बंद कर सकती है. इस एक बयान ने बाजार से डर को गायब कर दिया और हर तरफ खरीदारी शुरू हो गई.
दुनियाभर के बाजारों में 'दिवाली' जैसा माहौल
ट्रंप के बयान का असर सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के बाजारों पर दिख रहा है...
अमेरिका (Wall Street) में मंगलवार को नैस्डैक (Nasdaq) 3.8% और डॉव जोन्स (Dow Jones) 1,125 अंक यानी 2.5% उछलकर बंद हुआ. यह पिछले एक साल की सबसे बड़ी तेजी है.
एशियाई बाजारों की बात करें तो जापान का निक्केई (Nikkei) 3.29% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) 4.83% की भारी बढ़त के साथ खुले.
कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में यू-टर्न
आपको बता दें कि मार्च का महीना तेल की कीमतों के लिए काफी भारी रहा है. लेकिन युद्ध खत्म होने की आहट मिलते ही कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट शुरू हो गई है. ब्रेंट क्रूड की कीमतें जो आसमान छू रही थीं, अब $104 के आसपास आ गई हैं. हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि मार्च के महीने में तेल की कीमतों में 64% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है, जो 1988 के बाद सबसे बड़ी मासिक बढ़त है. अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जल्द नहीं खुला, तो तेल की सप्लाई में दिक्कत बनी रह सकती है.
क्या है 'होर्मुज' का चक्कर और क्यों डरा है बाजार?
बाजार की सबसे बड़ी चिंता 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को लेकर है, जहां से दुनिया का 20% तेल और गैस गुजरता है। ओपेक (OPEC) देशों का तेल उत्पादन मार्च में 73 लाख बैरल प्रतिदिन तक गिर गया है. ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह होर्मुज के पूरी तरह खुलने से पहले ही युद्ध खत्म कर सकते हैं.अगर ऐसा होता है, तो सप्लाई चेन सुधरेगी और महंगाई से राहत मिलेगी.
एक्सपर्ट की राय, अभी भी बना रह सकता है उतार-चढ़ाव
भले ही ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति शांति की बात कर रहे हों, लेकिन इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सख्त रुख ने निवेशकों को थोड़ा अलर्ट भी रखा है. नेतन्याहू ने कहा है कि उनका अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है. विश्लेषकों का मानना है कि जब तक जमीन पर शांति नहीं दिखती, तब तक बाजार में ऐसी ही तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकती है.
एक्सपर्ट्स के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं और भारी उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को सतर्क और चुनिंदा रुख अपनाना चाहिए. उनका कहना है कि बाजार में सुधार (Correction) के दौरान मौलिक रूप से मजबूत शेयरों को इकट्ठा करना समझदारी होगी. नई 'लॉन्ग पोजीशन' तभी बनानी चाहिए जब निफ्टी 24,000 के स्तर को पार कर वहां टिक जाए.














