Mohan Lal Mittal Passes Away: दुनिया के दिग्गज स्टील कारोबारी लक्ष्मी निवास मित्तल के पिता और मशहूर उद्योगपति मोहन लाल मित्तल का शुक्रवार को 99 वर्ष की आयु में निधन हो गया. मोहन लाल मित्तल ने ही उस बड़े बिजनेस साम्राज्य की नींव रखी थी, जिसे आज उनके बेटे लक्ष्मी मित्तल पूरी दुनिया में फैला चुके हैं. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी.
'निधन से मुझे गहरा दुख हुआ'
पीएम मोदी ने लिखा, "श्री मोहन लाल मित्तल जी ने उद्योग जगत में अपनी एक अलग पहचान बनाई. इसके साथ ही, वे भारतीय संस्कृति के प्रति बहुत समर्पित थे. उन्होंने समाज के विकास के लिए कई परोपकारी कार्यों में अपना सहयोग दिया. उनके निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है. मैं उनके साथ हुई अपनी मुलाकातों को हमेशा याद रखूंगा. उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं. ओम शांति."
एक साधारण शुरुआत से स्टील साम्राज्य तक का सफर मोहन लाल मित्तल का जीवन संघर्ष और सफलता की कहानी है. उनका जन्म पाकिस्तान के कराची में हुआ था. देश के बंटवारे के समय वह अपने परिवार के साथ भारत आ गए.
तेल मिल से हुई थी शुरुआत
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कानपुर में एक छोटी सी तेल मिल से की थी. बाद में वह कोलकाता चले गए, जहां उन्होंने लोहे के कबाड़ का काम शुरू किया. साल 1950 में उन्होंने स्टील बनाने का कारोबार शुरू किया, जो आगे चलकर दुनिया की सबसे बड़ी स्टील कंपनी आर्सेलर मित्तल में बदल गई.
मोहन लाल मित्तल ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई काम किए. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मित्तल जी के संघर्ष और परोपकार की भावना आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी.














