Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार आज खुलते ही धड़ाम से गिरा. सोमवार, 9 मार्च को सुबह बाजार में मिडिल ईस्ट की जंग और ग्लोबल मार्केट के तनाव का असर साफ दिखा और देखते ही देखते सेंसेक्स-निफ्टी ताश के पत्तों की तरह ढह गए. पिछले हफ्ते की गिरावट के बाद निवेशकों को उम्मीद थी कि शायद आज कुछ सुधार होगा, लेकिन भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन 'ब्लैक मंडे' साबित हुआ है. बाजार में चौतरफा हाहाकार की वजह से महज कुछ ही घंटों के भीतर निवेशकों के ₹13 लाख करोड़ से ज्यादा की संपत्ति स्वाहा हो गई.
बाजार खुलते ही मचा हाहाकार
आज सोमवार, 9 मार्च को शुरुआती कारोबार में बाजार पूरी तरह क्रैश हो गया है. सुबह 9:19 बजे तक सेंसेक्स (Sensex) में करीब 2,327 अंकों (2.95%) की भारी गिरावट देखी गई, जिससे यह 76,591.35 के स्तर पर आ गिरा. वहीं, निफ्टी (Nifty 50) भी 701 अंक (2.87%) टूटकर 23,748.50 के स्तर पर पहुंच गया है.
मिडिल ईस्ट में जारी भीषण जंग और विदेशी निवेशकों की चौतरफा बिकवाली ने बाजार में 'हाहाकार' मचा दिया है, जिससे शुरुआती चंद मिनटों में ही निवेशकों के लाखों-करोड़ों रुपये खाक हो गए. बाजार में यह ब्लडबाथ मिडिल ईस्ट यानी ईरान-इजरायल-अमेरिका में बढ़ते तनाव की वजह से हुआ है, जिससे निवेशकों में डर का माहौल है.
बाजार में चौतरफा बिकवाली, सरकारी बैंक 5% से ज्यादा टूटे
आज भारतीय शेयर बाजार के हर सेक्टर में चौतरफा बिकवाली देखने को मिल रही है, जिससे मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी नहीं बच पाए. बेंचमार्क इंडेक्स के साथ कदम मिलाते हुए Nifty Midcap 100 में 3.28% और Nifty Smallcap 100 में 3.37% की बड़ी गिरावट आई है.
बाजार का हाल इतना बुरा है कि सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में ट्रेड कर रहे हैं, जिसमें सबसे ज्यादा मार सरकारी बैंकों (PSU Banks) पर पड़ी है, जो 5.32% तक टूट गए हैं. इसके अलावा प्राइवेट बैंक, ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों में भी 3% से 4% की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों को हर तरफ से नुकसान उठाना पड़ रहा है.
सरकारी तेल कंपनियों के शेयर लुढ़के
मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग की वजह से कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में लगी आग ने भारतीय एनर्जी शेयरों को झुलसा कर रख दिया है. सोमवार को ग्लोबल मार्केट में कच्चा तेल $114 प्रति बैरल के पार निकल गया. असल में, ब्रेंट क्रूड में करीब 24% और अमेरिकी क्रूड (WTI) में 25% का जबरदस्त उछाल आया है, जिसके कारण भारत की दिग्गज तेल कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई. सरकारी तेल कंपनी HPCL के शेयर 7.75%, BPCL 7.49% और IOC 6.67% तक टूट गए. इसके अलावा गेल (GAIL) और सविता ऑयल के शेयरों में भी 5% से ज्यादा की गिरावट आई.
पिछले हफ्ते बाजार में भारी गिरावट
शेयर बाजार के लिए पिछला हफ्ता भी बेहद खराब रहा था. शुक्रवार को सेंसेक्स 1,097 अंक गिरकर 78,918 पर और निफ्टी 315 अंक गिरकर 24,450 पर बंद हुआ था. पूरे हफ्ते की बात करें तो दोनों ही इंडेक्स में लगभग 3% तक की गिरावट दर्ज की गई थी. सेंसेक्स जो कभी 81,287 पर था, वह गिरकर अब 77,000 के करीब आ गया है.
विदेशी निवेशकों ने की ताबड़तोड़ बिकवाली
बाजार के गिरने की एक बड़ी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का भारत से पैसा निकालना भी है. पिछले एक हफ्ते में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से 23,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की निकासी की है. ग्लोबल मार्केट में बढ़ते रिस्क और अनिश्चितता के चलते विदेशी निवेशक अपना पैसा सुरक्षित मानकर निकाल रहे हैं, जिसका सीधा असर हमारे शेयर बाजार पर पड़ रहा है.
मिडिल ईस्ट संकट से निवेशकों की चिंता
एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक मिडिल ईस्ट में शांति नहीं होती, तब तक बाजार में ऐसी ही उठापटक जारी रहेगी. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और युद्ध की आहट ने ग्लोबल मार्केट को डरा दिया है. फिलहाल निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी में कोई फैसला न लें और बाजार की स्थिरता का इंतजार करें.














