भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का कारोबारी सेशन कुछ खास नहीं रहा. कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों ने घरेलू बाजार की कमर तोड़ दी है. हफ्ते के एक्सपायरी डे पर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही में करीब 1% से ज्यादा की बड़ी गिरावट दर्ज की गई. सेंसेक्स एक समय 1 हजार अंकों से ज्यादा फिसल गया था, हालांकि बाद में यह 1.08% की गिरावट के साथ 76,034 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी भी 227 अंक टूटकर 23,639 पर आ गया. बाजार में इस गिरावट का सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में चल रही ईरान-इजरायल जंग है, जिसने पूरे विश्वभर में सप्लाई चेन रोक दी है.
रुपये की गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गईं. इराक के पास दो तेल टैंकरों पर हमले की खबरों ने आग में घी का काम किया है. तेल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर भारतीय रुपये पर दिखा, जो डॉलर के मुकाबले 92.36 के अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया. भारत अपनी जरूरत का 80% तेल आयात करता है, ऐसे में महंगा तेल देश की महंगाई के लिए बड़ा खतरा बन गया है.
ऑटो और FMCG में मची भगदड़
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा मार ऑटोमोबाइल और FMCG सेक्टर पर पड़ी. एलपीजी की कमी की आशंका और बढ़ती इनपुट कॉस्ट के डर से टीवीएस मोटर्स, अशोक लेलैंड और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे शेयरों में 3.5% तक की गिरावट देखी गई. वहीं, कंज्यूमर स्टॉक्स जैसे जोमेटो और स्विगी में भी 4% से ज्यादा की गिरावट रही क्योंकि होटलों में गैस किल्लत की खबरें आ रही हैं.
इन शेयरों में दिखी तेजी
बाजार की इस चौतरफा गिरावट के बीच कुछ शेयरों ने निवेशकों को राहत भी दी. गैस संकट की वजह से लोग अब इलेक्ट्रिक कुकिंग की ओर बढ़ रहे हैं, जिसका फायदा TTK Prestige को मिला. पिछले 5 दिनों में यह शेयर 20% तक चढ़ चुका है. इसके अलावा, सोलर और ग्रीन एनर्जी सेक्टर के शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली.
निवेशक अब क्या करें?
मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि जब तक मिडिल ईस्ट में तनाव कम नहीं होता, बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहेगी. आज शाम आने वाले रिटेल महंगाई के आंकड़े भी बाजार की अगली दिशा तय करेंगे. फिलहाल निवेशकों को इंतजार की रणनीति अपनानी चाहिए और केवल मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में ही लंबी अवधि के लिए निवेश पर प्लान बनाना चाहिए.














