1 April Changes: F&O से कमाई पर ज्‍यादा टैक्‍स, MF में केवल फीस लेगी AMC, 1 अप्रैल से बदल जाएंगे शेयर मार्केट से जुड़े ये नियम

1 April से नया वित्त वर्ष शुरू हो रहा है और इसी तारीख से फाइनेंशियली बहुत सारे बदलाव लागू हो रहे हैं. इन्‍हीं बदलावों में से है, स्‍टॉक मार्केट से जुड़े नियम. यहां जानिए 1 अप्रैल से कौन से बदलाव लागू होंगे.

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Share Market से जुड़े नियमों में बदलाव होने वाले हैं

Share Market Changes from 1 April 2026: नया वित्त वर्ष शुरू होने में कुछ ही दिन का समय शेष रह गया है. यह समय शेयर बाजार के लिए काफी अहम होता है, क्योंकि इस दौरान कई बड़े बदलाव लागू होते हैं, जिनका आम से खास निवेशक तक सभी पर प्रभाव पड़ता है. बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्यूचर एंड ऑप्शन (एफएंडओ) पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने का ऐलान किया था. यह बदलाव एक अप्रैल से लागू हो रहा है. 

नए वित्त वर्ष की शुरुआत से ट्रेडर्स को फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स पर 0.05 प्रतिशत STT का भुगतान करना होगा, यह मौजूदा समय में 0.02 प्रतिशत है. ऑप्शन (प्रीमियम) और ऑप्शन (एक्साइजड)पर STT को बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया है, जो कि पहले क्रमश: 0.1 प्रतिशत और 0.125 प्रतिशत था. 

एफएंडओ सेगमेंट में बड़े बदलाव 

इसके अलावा, एक अप्रैल से फ्यूचर एंड ऑप्शन में 50 प्रतिशत कैश-मार्जिन नियम लागू हो जाएगा. एक्सचेंज ने एफएंडओ सेगमेंट में सभी ट्रेडों के लिए आवश्यक कुल मार्जिन की जरूरत के नियमों में संशोधन किया है. अब से, ब्रोकरों को यह सुनिश्चित करना होगा कि एफएंडओ सेगमेंट में उनके प्लेटफॉर्म द्वारा ली गई सभी पोजीशनों के लिए आवश्यक कुल मार्जिन का न्यूनतम 50 प्रतिशत नकद के रूप में हो.

म्यूचुअल फंड्स से जुड़े बदलाव भी लागू  

इसके साथ ही म्यूचुअल फंड्स से जुड़े नियम में भी एक अप्रैल से बड़ा बदलाव होने जा रहा है. नए वित्त वर्ष से बेस एक्सपेंस रेश्यो (बीईआर) सभी म्यूचुअल फंड्स स्कीम में प्रभावी हो जाएगा. इसमें एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) केवल फीस को शामिल करेंगी, जो कि निवेशकों का फंड मैनेज करने के लिए ली गई है. अन्य लागत जैसे STT, स्टांप ड्यूटी, ब्रोकरेज और एक्सचेंज फीस आदि को अन्य लागत में दिखाया जाएगा. अब तक इन सभी को एक्सपेंस रेश्यो में जोड़ दिया जाता था, जिसे टोटल एक्सपेंस रेश्यो (TER) कहा जाता है. 

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शेयर बायबैक के नियमों में क्‍या बदला? 

शेयर बायबैक से जुड़ा नियम भी नए वित्त वर्ष से बदला जाएंगे. एक अप्रैल से कंपनियों के प्रमोटर्स को शेयर बायबैक में हुए कैपिटल गेन पर 12 प्रतिशत का सरचार्ज देना होगा. हालांकि, इसका रिटेल निवेशकों पर कोई असर नहीं होगा, क्योंकि यह नियम सिर्फ प्रमोटर्स के लिए है. 

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