17 लाख करोड़! एक झटके में भर गई निवेशकों की झोली, शेयर बाजार में 'दिवाली' के पीछे ये 5 बूस्‍टर डोज

Stock Market Closing: BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप महज चंद घंटों में 429 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 445 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया. यानी निवेशकों ने कुछ ही समय में 16.5 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति जोड़ ली.

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Sensex Today | Stock Market Updates: शेयर बाजार में आज दिनभर हरियाली छाई रही.

भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में आज का बुधवार हरियाली लेकर आया. इसने 'ब्लैक वेडनेसडे' के डर को खत्म कर 'गोल्डन वेडनेसडे' में बदल दिया. अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम (सीजफायर) की खबर ने दलाल स्ट्रीट पर ऐसी बहार लाई कि निवेशकों की संपत्ति एक ही झटके में 17 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बढ़ गई. बाजार के सभी सेक्‍टोरल इंडेक्‍स ग्रीन में बंद हुए.

कारोबारी सत्र की शुरुआत होते ही बाजार में चौतरफा खरीदारी देखी गई. सेंसेक्‍स (Sensex)  2,900 अंकों से ज्‍यादा की ऐतिहासिक छलांग लगाकर 77,562 के पार जाकर बंद हुआ.. वहीं, निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 870 अंकों से ज्यादा की मजबूती के साथ 24,000 के करीब पहुंच गया. केवल बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 4 प्रतिशत तक की जोरदार तेजी दर्ज की गई.

16 लाख करोड़ का 'बंपर' मुनाफा!

बाजार में आई इस तूफानी तेजी का सबसे बड़ा फायदा निवेशकों को हुआ. बीएसई (BSE) में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप महज चंद घंटों में 429 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 445.51 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया. यानी निवेशकों ने कुछ ही समय में 17 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति जोड़ ली. बाजार में 'डर' को मापने वाला इंडिया विक्स (India VIX) भी 19% गिर गया, जो संकेत है कि अब निवेशकों की घबराहट खत्म हो रही है.

तेजी के 5 बड़े 'बूस्टर डोज'

  1. ट्रंप का सीजफायर ऐलान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ 2 हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा और शुक्रवार से बातचीत शुरू होने की खबर ने बाजार में जान फूंक दी.
  2. ग्लोबल मार्केट में बूम: केवल भारत ही नहीं, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे एशियाई बाजारों में भी 6% तक की उछाल रही, जिसका सकारात्मक असर घरेलू बाजार पर पड़ा.
  3. कच्चे तेल का 'क्रैश': ब्रेंट क्रूड 14% टूटकर 95 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया. भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह सबसे बड़ी राहत है, जिससे महंगाई कम होने की उम्मीद है.
  4. मजबूत रुपया: डॉलर इंडेक्स में गिरावट और रुपये की मजबूती ने विदेशी निवेशकों (FPI) को फिर से खरीदारी के लिए प्रोत्साहित किया है.
  5. RBI का भरोसा: भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखकर बाजार को यह संदेश दिया कि देश की आर्थिक बुनियाद और स्थिरता मजबूत है.

एक्‍सपर्ट को क्‍या है उम्‍मीद?

विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच RBI के 'न्यूट्रल' रुख और कच्चे तेल की गिरती कीमतों ने भारतीय बाजार को दुनिया भर में सबसे आकर्षक बना दिया है. यदि युद्धविराम स्थाई शांति की ओर बढ़ता है, तो निफ्टी जल्द ही अपने नए लाइफ-टाइम हाई को छू सकता है.

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