भारतीय शेयर बाजार के लिए बुधवार का दिन 'ब्लैक वेडनेसडे' साबित हुआ. हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिसके चलते प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी करीब 2 प्रतिशत तक लुढ़क गए. निवेशकों के बीच घबराहट का आलम यह था कि निफ्टी अपने महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर 24,000 के नीचे बंद हुआ.
कारोबार के अंत में, 30 शेयरों वाला बीएसई (BSE) सेंसेक्स 1342.27 अंक या 1.72% की भारी गिरावट के साथ 76,863.71 पर बंद हुआ. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 394.75 अंक या 1.63% टूटकर 23,866.85 के स्तर पर आ गया.
क्यों टूटा बाजार? 3 बड़े कारण
- अमेरिका-ईरान जंग में नया मोड़: सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'जल्द शांति' वाले बयान से बाजार में जो उम्मीद जगी थी, वह मंगलवार रात ईरान की तीखी प्रतिक्रिया और अमेरिका-इजरायल के नए हमलों के बाद काफूर हो गई. युद्ध लंबा खिंचने की आशंका ने वैश्विक सेंटीमेंट बिगाड़ दिया है.
- विदेशी निवेशकों (FIIs) की ताबड़तोड़ बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से भारतीय बाजार में बिकवाली का सिलसिला थम नहीं रहा है. मंगलवार को ही FIIs ने 4,673 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची थी, जिसका दबाव आज के सत्र में साफ दिखा. हालांकि घरेलू निवेशकों (DIIs) ने 6,333 करोड़ का निवेश कर सहारा देने की कोशिश की, लेकिन वह नाकाफी रहा.
- इंडिया विक्स (India VIX) में उछाल: बाजार में डर और अस्थिरता को मापने वाला इंडेक्स 'India VIX' आज 8.73% उछलकर 20.55 पर पहुंच गया. आमतौर पर जब विक्स 20 के पार जाता है, तो बाजार में तेज गिरावट की संभावना बढ़ जाती है.
बैंकिंग और ऑटो शेयरों ने डुबोया
बुधवार के कारोबार में गिरावट की अगुवाई बैंकिंग सेक्टर ने की. निफ्टी बैंक 1.6% गिरकर 56,044 पर बंद हुआ. इसके अलावा ऑटो, निजी बैंक, फाइनेंशियल सर्विस, आईटी और रियल्टी सेक्टर में भी भारी दबाव रहा. हालांकि, इस सुनामी के बीच फार्मा, एनर्जी, मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर के कुछ शेयर हरे निशान में टिके रहने में कामयाब रहे.














