SEBI ने प्रभु स्टील इंडस्ट्रीज और उसके प्रमोटर्स पर लगाया 12 लाख रुपये का जुर्माना, जानें वजह

सिक्योरिचीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के मुताबिक, किसी भी कंपनी को वित्तीय विवरण में गलत बयानी से बचना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वार्षिक रिपोर्ट भ्रामक तस्वीर न पेश करे.

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SEBI के मुताबिक,जांच की थी. जांच में पाया गया कि पीएसआईएल ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए गलत खुलासे और वित्तीय विवरण पेश किए थे.
नई दिल्ली:

मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने प्रभु स्टील इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Prabhu Steel Industries Ltd) और इसके प्रमोटर्स पर नियामकीय मानदंडों के उल्लंघन के मामले में कुल 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. सिक्योरिचीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने बुधवार को जारी एक आदेश में कहा कि पीएसआईएल और उसके प्रमोटर्स हरीश गंगाराम अग्रवाल, दिनेश गंगाराम अग्रवाल और अक्षिता हरीश अग्रवाल पर तीन-तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा है. इसके साथ ही सेबी ने यह जुर्माना 45 दिन के भीतर जमा करने का निर्देश दिया.

सेबी को 14 फरवरी, 2022 को पीएसआईएल के मामले में राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण से एक समीक्षा रिपोर्ट मिली थी जिसमें कंपनी के लेखांकन और लेखा-परीक्षा मानकों के संबंध में गंभीर खामियों का जिक्र किया गया था.

इसके बाद सेबी ने प्रतिभूति अनुबंध (विनियमन) अधिनियम और खुलासा नियमों के प्रावधानों के तहत पीएसआईएल के वित्तीय विवरणों में गलत बयानी की जांच की थी. इसमें पाया गया कि पीएसआईएल ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए गलत खुलासे और वित्तीय विवरण पेश किए थे.

सेबी के मुताबिक, किसी भी कंपनी को वित्तीय विवरण में गलत बयानी से बचना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वार्षिक रिपोर्ट भ्रामक तस्वीर न पेश करे.

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