नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने शुक्रवार को ऐलान किया कि उसे सेबी से इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए अंतिम मंजूरी मिल गई है. देश के सबसे बड़े एक्सचेंज NSE का IPO एक दशक से अधिक समय से को-लोकेशन केस और अन्य बाधाओं के कारण रुका हुआ है. सेबी से मंजूरी मिलने के बाद अब IPO को बाजार में उतारना काफी हद तक NSE पर निर्भर करता है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, NSE मार्च के अंत तक अपने लिस्टिंग दस्तावेजों का मसौदा (ड्राफ्ट पेपर) दाखिल करने की योजना बना रहा है और IPO दस्तावेजों को अंतिम रूप देने के लिए इन्वेस्टमेंट बैंकर्स और कानूनी फर्मों के साथ बातचीत कर रहा है. अब निवेशकों की निगाहें ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) पर होंगी, जिसमें IPO से जुड़ी सारी जानकारी होगी.
क्या बोले NSE के चेयरपर्सन और CMD?
NSE के चेयरपर्सन श्रीनिवास इंजेती ने कहा,'हमें अपने IPO के लिए सेबी की मंजूरी मिलने पर बेहद खुशी है. यह हमारी विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. SEBI की मंजूरी के साथ, हम अपने सभी पक्षकारों के लिए मूल्य सृजन का एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं.' उन्होंने बयान में आगे कहा, 'यह मंजूरी भारतीय अर्थव्यवस्था के अभिन्न अंग और भारतीय पूंजी बाजारों के मार्गदर्शक के रूप में NSE के प्रति विश्वास को भी मजबूत करता है.'
NSE के प्रबंध निदेशक (MD) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) आशीष कुमार चौहान इस महीने अपने परिवार के साथ तिरुपति गए और भगवान वेंकटेश्वर के मंदिर में पूजा-अर्चना कर एक्सचेंज, इसके सदस्यों, शेयरधारकों और देश के लिए आशीर्वाद मांगा. इस दौरान चौहान ने कहा कि उन्होंने NSE की भलाई और राष्ट्र के व्यापक विकास के लिए प्रार्थना की. इससे पहले, सेबी के चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने कहा था कि NSE को इस महीने के भीतर अपने IPO के लिए मंजूरी मिल सकती है. और अब मंजूरी मिल ही गई है.














