Rupee vs Dollar: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये ने दिख दी अपनी ताकत, RBI के सपोर्ट से 15 पैसे हुआ मजबूत

Rupee vs Dollar Today: भले ही आज रुपया मजबूत हुआ है, लेकिन ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड अब भी 105.53 डॉलर प्रति बैरल पर है.हालांकि, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भरोसा दिलाया है कि अन्य देशों की तुलना में भारतीय रुपया बेहतर स्थिति में है.

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USD INR Exchange Rate: आज सुबह रुपया 93.62 पर मजबूती के साथ खुला और फिलहाल 94.70 पर ट्रेड कर रहा है.
नई दिल्ली:

Dollar vs Rupee Today April 1: ग्लोबल मार्केट से मिल रहे अच्छे संकेतों और घरेलू शेयर बाजार में आई रौनक की वजह से आज भारतीय रुपये ने थोड़ी राहत की सांस ली है. बुधवार, 1 अप्रैल को सुबह शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 15 पैसे मजबूत होकर 94.70 के स्तर पर पहुंच गया. पिछले कुछ दिनों से लगातार रिकॉर्ड गिरावट झेलने के बाद, रुपये ने आज डॉलर को अपनी ताकत दिखाई है. हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और विदेशी फंड्स की लगातार निकासी अब भी रुपये के लिए चुनौती बनी हुई है.

14 साल की सबसे बड़ी गिरावट के बाद रिकवरी

आपको बता दें कि वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) रुपये के लिए बहुत भारी रहा है. इस साल रुपये में 9.88% की गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले 14 सालों में सबसे बड़ी सालाना गिरावट है. इससे पहले साल 2012 में रुपया 12.4% तक टूटा था. लेकिन आज सुबह रुपया 93.62 पर मजबूती के साथ खुला और फिलहाल 94.70 पर ट्रेड कर रहा है.

RBI के एक्शन से रुपये को मिला सपोर्ट

भारतीय रुपये को गिरने से बचाने के लिए रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बड़ा कदम उठाया है. RBI ने बैंकों के लिए 'नेट ओपन पोजीशन' (NOP) की लिमिट 100 मिलियन डॉलर तय कर दी है, जिसे 10 अप्रैल तक लागू करना होगा. इस नियम के आने के बाद बैंकों ने डॉलर पर बड़े दांव लगाना कम कर दिया है, जिससे रुपये को मजबूती मिली है. इसके अलावा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी भरोसा दिलाया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी तत्व मजबूत हैं और अन्य देशों की तुलना में रुपया बेहतर स्थिति में है.

एशिया की अन्य करेंसी का भी बुरा हाल

सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में डॉलर की मजबूती ने दूसरी करेंसी को पछाड़ दिया है. 1 अप्रैल से अब तक जापानी येन 6%, फिलीपीन पेसो 5.74% और दक्षिण कोरियाई वॉन 2.88% तक गिर चुके हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि भारत पर इसका असर इसलिए ज्यादा है क्योंकि हम तेल के आयात पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं और मिडिल ईस्ट की जंग ने इसे और मुश्किल बना दिया है.

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जंग और तेल का दबाव अब भी बरकरार

भले ही आज रुपया मजबूत हुआ है, लेकिन ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड अब भी 105.53 डॉलर प्रति बैरल पर है. 28 फरवरी 2026 को मिडिल ईस्ट में जंग शुरू होने के बाद से रुपया 4% से ज्यादा टूट चुका है. जानकारों का मानना है कि अब रुपये के लिए 'नया नॉर्मल' 92 से 97 के बीच की रेंज होगी. यानी आने वाले समय में रुपये में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है.

विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बढ़ाई टेंशन

शेयर बाजार में आज 1700 अंकों की तेजी तो है, लेकिन विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार पैसा निकाल रहे हैं. सोमवार को ही उन्होंने करीब 11,163 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. जब तक विदेशी निवेशकों की घर वापसी नहीं होती और तेल की कीमतें कम नहीं होतीं, तब तक रुपये पर दबाव बना रहेगा.

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