RBI MPC Meeting Decisions: दो दिनों से चल रही मॉनिटरी पॉलिसी मीटिंग के बाद केंद्रीय बैंक RBI ने रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रखा है. शुक्रवार सुबह 10 बजे केंद्रीय बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी ने इकोनॉमिक आंकड़ों को देखते हुए रेपो रेट को अपरिवर्तित रखने का फैसला लिया है. स्पष्ट है कि रेपो रेट से लिंक्ड आपके होम लोन, कार लोन या अन्य लोन की EMI नहीं बढ़ेगी. यानी आपको इन लोन्स के लिए ज्यादा किस्त नहीं भरनी होगी.
RBI गवर्नर ने क्या बताया?
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि मौद्रिक नीति समिति ने तटस्थ रुख को बनाये रखने का निर्णय किया है. उन्होंने कहा, 'घरेलू महंगाई के मोर्चे पर राहत भरे आंकड़े हैं. महंगाई नियंत्रण में है और ग्रोथ आउटलुक भी सकारात्मक है. उन्होंने कहा, 'तमाम ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच भारतीय इकोनॉमी जुझारू बनी हुई है.'
महंगाई के मोर्चे पर राहत भरी खबर
केंद्रीय बैंक आरबीआई ने मौजूदा स्थितियों को ध्यान में रखते हुए चालू वित्त वर्ष के लिए महंगाई 2.1 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है. यानी महंगाई के लिए RBI का टारगेट, जो कि 2% से 4% के बीच रखने का लक्ष्य रखा गया है, उसके आधार पर देखा जाए तो महंगाई काफी कम बनी हुई है. आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए महंगाई के 4% और दूसरी तिमाही के लिए 4.2% रहने का अनुमान लगाया.
7% की रफ्तार से बढ़ेगा देश, RBI का अनुमान
आरबीआई ने अगले वित्त वर्ष 2026-27 की पहली और दूसरी तिमाही के लिए वृद्धि दर (Growth Rate) के अनुमान को ऊपर की ओर संशोधित करते हुए 6.9 प्रतिशत और 7 प्रतिशत किया है. यानी अप्रैल से जून के दौरान देश की ग्रोथ रेट 6.9% रहेगी, जबकि जुलाई से सितंबर के बीच देश 7% की रफ्तार से ग्रोथ करेगा.
RBI गवर्नर ने बताया कि कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन और असंगठित क्षेत्र में निरंतर गति से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा. ग्रामीण क्षेत्रों में मांग स्थिर बनी हुई है, शहरी क्षेत्रों में खपत में और वृद्धि होने की संभावना है.














