PM मोदी ने स्टार्टअप्स CEOs से की मुलाकात, इंडस्ट्री लीडर्स बोले- हेल्थकेयर में AI बचाएगा अरबों लोगों की जान

India AI Impact Summit 2026 में इंडस्ट्री लीडर्स ने एआई के फ्यूचर पर बड़ी बात कही. फिलिप्स के सीईओ रॉय जैकब्स ने कहा कि हेल्थकेयर सेक्टर में एआई का इंसानों पर सबसे ज्यादा असर हो सकता है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
PM Modi ने AI स्टार्टअप्स सीईओ से मिलकर हेल्थकेयर, साइबर सिक्योरिटी और स्पेस सेक्टर पर बात की.
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • PM मोदी ने नई दिल्ली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-डीपटेक स्टार्टअप्स के CEO से मुलाकात की और उनके काम को सराहा.
  • फिलिप्स के CEO ने कहा कि एआई हेल्थकेयर में डॉक्टरों का समय बचाकर मरीजों की बेहतर देखभाल में मदद करेगा.
  • अलेक्जेंडर वैंग ने पर्सनल सुपरइंटेलिजेंस के विजन के साथ भरोसा, ट्रांसपेरेंसी और गवर्नेंस की अहमियत पर जोर दिया
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपटेक स्टार्टअप्स के सीईओ के साथ एक खास मुलाकात की. इस दौरान पीएम ने देखा कि कैसे ये भारतीय स्टार्टअप्स हेल्थकेयर, साइबर सिक्योरिटी और स्पेस जैसे बड़े सेक्टर में शानदार काम कर रहे हैं. इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026' में इंडस्ट्री लीडर्स ने एआई के फ्यूचर पर बड़ी बात कही.

हेल्थकेयर में आएगा बड़ा बदलाव: फिलिप्स सीईओ

एआई इम्पैक्ट समिट में फिलिप्स के सीईओ रॉय जैकब्स ने कहा कि हेल्थकेयर सेक्टर में एआई का इंसानों पर सबसे ज्यादा असर हो सकता है. उन्होंने साफ किया कि एआई का मतलब डॉक्टरों की जगह लेना नहीं है, बल्कि यह उनका कीमती समय बचाएगा ताकि वे मरीजों की बेहतर देखभाल कर सकें. जैकब्स के मुताबिक, एक दशक बाद एआई को अरबों जिंदगियों को बेहतर बनाने के लिए याद किया जाएगा.

उन्होंने कहा, " एआई पहले से ही ज्यादा बोझ वाले सिस्टम पर दबाव कम कर रहा है. जब हम अब से एक दशक बाद पीछे मुड़कर देखेंगे, तो हेल्थकेयर में एआई को स्क्रीन पर ऑप्टिमाइज़ की गई चीजों के लिए याद नहीं किया जाएगा, बल्कि उन अरबों जिंदगियों के लिए याद किया जाएगा जिन्हें इसने बेहतर बनाने में मदद की.”

पर्सनल सुपरइंटेलिजेंस बनेगा आपकी ताकत: अलेक्जेंडर वैंग

मेटा के चीफ एआई ऑफिसर अलेक्जेंडर वैंग ने रोजमर्रा की जिंदगी में एआई की बढ़ती जरूरत और इसके रास्ते को बनाने में भारत की अहम भूमिका पर जोर दिया. उन्होंने 'पर्सनल सुपरइंटेलिजेंस' का विजन शेयर किया, जो यूजर के टारगेट और इनटरेस्ट को जानकर हर काम में उसकी मदद करेगा.

उन्होंने आगे कहा, "आपका पर्सनल एआई आपको कितनी अच्छी तरह जानता है? अगर हम इसे जिम्मेदारी से नहीं कर रहे हैं, तो लोग हमें काम पर नहीं रखेंगे. वैंग ने चेतावनी भी दी कि भरोसा, ट्रांसपेरेंसी और गवर्नेंस को भी एआई मॉडल्स की तरह ही तेजी से आगे बढ़ना चाहिए, तभी लोग इसे जिम्मेदारी से अपनाएंगे.

Advertisement

तैयारी और इंफ्रास्ट्रक्चर है असली चुनौती: किंड्रिल सीईओ

किंड्रिल के चेयरमैन और सीईओ मार्टिन श्रोएटर ने कहा कि इनोवेशन तो असली है, लेकिन असली चुनौती इसे बड़े पैमाने पर लागू करने की तैयारी है. उन्होंने कहा कि एआई का फ्यूचर रिसर्च लैब्स या बोर्डरूम में नहीं, बल्कि इस बात से तय होगा कि समाज हर दिन जिन सिस्टम्स पर निर्भर करता है, उनमें एआई को कितने भरोसे और जिम्मेदारी से जोड़ा  गया है.

उन्होंने आगे कहा, एआई आज भी इंडस्ट्रियलाइज्ड नहीं है,इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा,  ऑपरेशन्स और लोगों को इसे बड़े पैमाने पर सपोर्ट करने के लिए तैयार रहना चाहिए.

Advertisement

एआई और एनर्जी का गहरा कनेक्शन: श्नाइडर इलेक्ट्रिक

श्नाइडर इलेक्ट्रिक के ग्लोबल सीईओ ओलिवियर ब्लम ने आई और ग्लोबल एनर्जी ट्रांजिशन पर बात की. उन्होंने बताया कि एआई का मतलब है ज्यादा कंप्यूटिंग और ज्यादा कंप्यूटिंग का मतलब है बहुत अधिक एनर्जी की खपत. ब्लम ने आगाह किया कि हमें ग्लोबल एनर्जी सिस्टम पर पड़ने वाले दबाव को कम नहीं आंकना चाहिए. हालांकि, उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि एआई अपनी एफिशिएंसी से इस दबाव को मैनेज करने में भी बदलाव ला सकता है.

Featured Video Of The Day
मैथिली ठाकुर ने विधानसभा वाली स्पीच वायरल- लालू की तुलना धृतराष्ट्र से, तेजस्वी को बताया दुर्योधन