गरीब, यूथ, अन्नदाता, नारी...जानें-पीएम मोदी के 'GYAN' के लिए बजट में क्या-क्या प्रावधान

आम बजट 2026-27 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “GYAN”-गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी मॉडल के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा. गरीबों के लिए समावेशी विकास और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों को मजबूत किया गया, जिससे निचले तबके तक योजनाओं का लाभ पहुंचे.

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  • निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2026-27 में गरीब, युवा, अन्नदाता और महिलाओं पर केंद्रित "GYAN" मॉडल को प्रमुखता दी
  • गरीब परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा, सब्सिडी योजनाएं और ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान बजट में देखने को मिला
  • युवाओं के लिए डिजिटल अर्थव्यवस्था में क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स को कर-मुक्ति की घोषणा हुई
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नई दिल्ली:

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2026-27 का बजट रविवार को पेश किया. इस बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस “GYAN” मॉडल गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी पर फोकस रखा गया है, जिसकी चर्चा पीएम कई बार कर चुके हैं. बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने के द्वारा बजट भाषण से लेकर प्रमुख घोषणाओं तक, हर जगह इन वर्गों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं और प्रावधानों पर विशेष ज़ोर दिया गया. किसानों के लिए बढ़ा हुआ आवंटन, महिलाओं के लिए सशक्तिकरण आधारित पहलें, युवाओं के लिए स्किल और रोजगार केंद्रित कदम और गरीबों के लिए समावेशी विकास वाली नीतियां इस बजट में देखने को मिली. 

1. गरीबों को क्या मिला?

सरकार ने गरीब परिवारों के लिए इस बजट में समावेशी विकास और सामाजिक सुरक्षा पर ज़ोर दिया. बजट भाषण में यह स्पष्ट किया गया कि विकास के लाभ समाज के सबसे निचले तबके तक पहुँचाने के लिए योजनात्मक खर्च बढ़ाया गया है. गरीब परिवारों को लक्षित करने वाली सब्सिडी योजनाएं, ग्रामीण विकास कार्यक्रम, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े आवंटन को स्थिर रखा गया है. कई घोषणाओं में यह भी जोर दिया गया कि विकास की गति सिर्फ शहरी इलाकों तक सीमित न रहकर ग्रामीण और गरीब वर्गों को सीधे लाभ पहुंचाए. सरकार ने इस बात को भी महत्वपूर्ण बताया कि “सबका विकास” के दृष्टिकोण के बिना विकसित भारत का लक्ष्य अधूरा रहेगा. 

2. युवाओं (Yuva) को क्या मिला?

इस बजट में युवाओं के लिए रोज़गार, कौशल विकास और तकनीकी क्षेत्र को विशेष प्रोत्साहन दिया गया. आर्थिक सर्वेक्षण और बजट दोनों में युवाओं के लिए नए अवसर सृजन को प्राथमिकता बताया गया. बजट भाषण में डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स को 2047 तक टैक्स हॉलीडे देने की घोषणा भी शामिल थी, जिससे आईटी और टेक सेक्टर में व्यापक रोजगार बनने की उम्मीद है.

 इसके अलावा, सरकार ने युवाओं में उद्यमिता बढ़ाने, कौशल उन्नयन और उभरते सेक्टर्स के लिए प्रशिक्षण का विस्तार करने की रणनीति पर भी जोर दिया. विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं को टिकाऊ रोजगार से जोड़ना विकास की रफ्तार को मजबूत करेगा.

  • युवाओं के लिए रोजगार, स्किल और टेक सेक्टर को बढ़ावा देने की घोषणाएँ की गईं. 
  • डिजिटल अर्थव्यवस्था को गति देने हेतु क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स को 2047 तक टैक्स हॉलीडे दिया गया.

3. अन्नदाता (Farmers) के लिए क्या मिला? 

किसानों के लिए इस बजट में निरंतर बढ़ते कृषि आवंटन और प्रत्यक्ष लाभ आधारित योजनाओं को जारी रखा गया. पिछले एक दशक में कृषि बजट कई गुना बढ़ा है और 2025–26 में कृषि मंत्रालय का आवंटन 1.27 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच चुका है. सरकार ने किसानों को सब्सिडी, फसल बीमा, सस्ती ऋण सुविधा, आधुनिक तकनीक और सिंचाई अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में समर्थन बढ़ाने की दिशा दोहराई. वित्त मंत्री और पीएम दोनों ने किसानों को भरोसा दिलाया कि MSP पर चर्चा खुली है और उनकी आय बढ़ाने के लिए सरकारी प्रतिबद्धताएँ जारी रहेंगी. जलवायु-जोखिम से निपटने के लिए भी कदमों का संकेत दिया गया.

4. नारी (Women) के लिए क्या मिला? 

बजट में महिलाओं के लिए कौशल, उद्यमिता और आर्थिक भागीदारी को बढ़ाने वाली कई नीतियों पर ज़ोर दिया गया. बजट ने महिला-नेतृत्व वाले विकास को प्रोत्साहन देने वाले कार्यक्रमों का विस्तार किया, जिनमें स्व-रोजगार, महिला स्वयं सहायता समूह और वित्तीय समावेशन के रास्तों को मजबूत करना शामिल है. पीएम मोदी ने इसे “नारी शक्ति का सशक्त प्रतिबिंब” कहते हुए कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति में महिलाओं की निर्णायक भूमिका को ध्यान में रखते हुए बजट में उनके लिए विशेष फोकस रखा गया है.

  • महिलाओं के कौशल, उद्यमिता और आर्थिक भागीदारी बढ़ाने वाली नीतियों को मजबूत किया गया. 
  • महिला-नेतृत्व वाले विकास मॉडल के तहत SHG और स्व-रोजगार कार्यक्रमों का विस्तार हुआ. 

पीएम मोदी के ‘GYAN' का क्या है पूरा सार 

बजट 2026-27 ने स्पष्ट कर दिया कि सरकार की प्राथमिकताओं में गरीब, युवा, किसान और महिलाएं यानी ‘GYAN' सबसे ऊपर हैं. यह बजट न केवल तात्कालिक लाभ देने वाला है बल्कि आने वाले 25 वर्षों के लिए सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का रोडमैप भी तैयार करता है.

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