भारत और यूरोपीय संघ के बीच तीन साल से चल रही मेहनत रंग लाई है. यूरोपीय नेतृत्व ने जिसे "मदर ऑफ ऑल डील" करार दिया है, वह भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) इसी साल के अंत तक लागू होने की राह पर है. यह बात केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने एनडीटीवी को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहीं. साथ ही उन्होंने ऐतिहासिक करार के विस्तार और इससे होने वाले फायदों पर खुलकर बात की.
समझौते का सबसे बड़ा फायदा क्या है?
गोयल के अनुसार, इस समझौते का सबसे बड़ा फायदा भारतीय श्रम-प्रधान उद्योगों, खासकर कपड़ा क्षेत्र को मिलेगा. समझौता लागू होते ही भारत का 95% निर्यात यूरोपीय बाजार में बिना किसी टैक्स के पहुंच सकेगा. कपड़ा उद्योग को पहले दिन से ही जीरो टैरिफ का फायदा मिलेगा, जिससे बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों के साथ प्रतिस्पर्धा में बराबरी का मौका मिलेगा. मत्स्य पालन जैसे अन्य क्षेत्रों को भी बड़ा फायदा होने की उम्मीद है.
'युवाओं के लिए नौकरियों और यूरोप में काम के नए रास्ते'
समझौता सिर्फ सामान के एक्सपोर्ट तक सीमित नहीं है. सर्विस सेक्टर की 44 सब-कैटेगरी के लिए यूरोपीय बाजार खुल जाएगा. साथ ही, 'मोबिलिटी पार्टनरशिप' के तहत भारत के प्रतिभाशाली इंजीनियर, डॉक्टर, देखभाल करने वाले और भाषा जानने वाले पेशेवरों के लिए यूरोप में कानूनी रूप से काम करने के रास्ते आसान होंगे. केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा, "यूरोपीय संघ को युवा टैलेंट और स्किल की जरूरत है. भारत का शांतिप्रिय और मेहनती कार्यबल वहां का स्वागत करता है."
भारतीय उपभोक्ताओं को कब और कैसे मिलेगा फायदा?
समझौते पर अंतिम मुहर लगने में अभी समय है. कानूनी प्रक्रिया और यूरोपीय संसद की मंजूरी के बाद इसे इस कैलेंडर वर्ष की अंतिम तिमाही तक लागू होने की उम्मीद है. केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार का टैक्स कम करने का ट्रैक रिकॉर्ड इस बात की गारंटी है कि कस्टम ड्यूटी कम होने का पूरा फायदा उपभोक्ता तक पहुंचेगा. उन्होंने टैक्स में छूट, कॉर्पोरेट टैक्स कमी और जीएसटी दरों में लगातार कटौती का उदाहरण दिया.
'मदर ऑफ ऑल डील' क्यों?
गोयल ने बताया कि यह समझौता अपने पैमाने और रणनीतिक अहमियत की वजह से अब तक का सबसे अहम है. भारत और यूरोपीय संघ मिलकर वैश्विक व्यापार का एक-तिहाई और वैश्विक जीडीपी का एक चौथाई हिस्सा हैं. दोनों के बीच यह करार दो बड़े लोकतंत्रों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करेगा. उन्होंने कहा कि यूरोपीय नेताओं की हालिया यात्रा केवल एफटीए तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें रक्षा साझेदारी, सेंट्रल बैंकों के बीच समझौते जैसे कई दूसरे महत्वपूर्ण समझौते भी शामिल हैं.
अमेरिका के साथ समझौते पर क्या रहा रुख?
जब अमेरिका के साथ व्यापार समझौते की धीमी प्रगति और कुछ यूरोपीय टिप्पणियों के बारे में पूछा गया, तो गोयल ने साफ किया कि अमेरिका के साथ बातचीत बहुत अच्छी चल रही है और वह जल्द ही एक मजबूत समझौता होने की उम्मीद है.
इंटरव्यू के आखिर में, अपने पिता की 100वीं जयंती पर गोयल ने उनसे जुड़ी यादों को साझा किया. उन्होंने बताया कि कैसे उनके पिता, एक आरआरएस प्रचारक बनने की इच्छा रखने वाले इंजीनियर, मुंबई में एक छोटी स्टील कंपनी के गोदाम में शेल्फ पर सोकर अपना जीवन शुरू किया और बाद में देश के शिपिंग मंत्री बने. गोयल ने उनके काम के प्रति पूर्णता के संस्कार को अपनी सबसे बड़ी सीख बताया, जिसने उन्हें इन जटिल वार्ताओं को अंजाम देने के लिए प्रेरित किया.














