Petrol-Diesel Price Hike: प्रीमियम तो 24 रुपये तक महंगा हो गया, क्‍या नॉर्मल पेट्रोल-डीजल के भी दाम बढ़े हैं? जानिए ताजा भाव

Petrol Diesel Prices Today: दिल्ली में प्रीमियम पेट्रोल की कीमत 99.89 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 101.89 रुपये प्रति लीटर हो गई है. वहीं, इंडस्ट्रियल डीजल,की कीमत 87.67 रुपये से बढ़कर 109.59 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है. क्‍या नॉर्मल पेट्रोल-डीजल भी महंगा हुआ है?

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
Petrol Diesel Prices Hike: पेट्रोल-डीजल की कीमतें क्‍या हैं?

Petrol-Diesel Prices Today: पेट्रोल-डीजल को लेकर पिछले कई दिनों से जो आशंका जताई जा रही थी, वो आखिरकार सही साबित हुई. मिडिल ईस्‍ट में चल रही जंग और क्रूड ऑयल यानी कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ा दी गई हैं. शुक्रवार को प्रीमियम या हाई-ग्रेड पेट्रोल के दाम में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई, जबकि इंडस्ट्रियल या बल्क डीजल की कीमतों में करीब 20 से 22 रुपये प्रति लीटर तक का बड़ा इजाफा हुआ है. तो क्‍या नॉर्मल पेर्टोल-डीजल भी महंगा हुआ है? जवाब है नहीं. राहत की बात यही है कि आम उपभोक्ताओं द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले नॉर्मल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

प्रीमियम पेट्रोल और इंडस्ट्रियल डीजल हुआ महंगा

दिल्ली में 95 ऑक्टेन वाले प्रीमियम पेट्रोल की कीमत 99.89 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 101.89 रुपये प्रति लीटर हो गई है. वहीं, इंडस्ट्रियल डीजल, जो मुख्य रूप से टेलीकॉम टावर और बड़े कमर्शियल इस्तेमाल में आता है, उसकी कीमत 87.67 रुपये से बढ़कर 109.59 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है. अन्य महानगरों में भी यही ट्रेंड दिखा है-मुंबई में यह 90.39 रुपये से बढ़कर 113.11 रुपये, कोलकाता में 92.30 रुपये से 114.27 रुपये और चेन्नई में 92.54 रुपये से बढ़कर 113.38 रुपये प्रति लीटर हो गया है.

क्‍या है नॉर्मल पेट्रोल-डीजल के ताजा भाव?

इसके उलट, आम लोगों के लिए राहत बरकरार है. दिल्ली में नॉर्मल पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है. पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के मुताबिक, प्रीमियम पेट्रोल का कुल खपत में हिस्सा केवल 2 से 4 प्रतिशत है, इसलिए इसकी कीमत बढ़ने का आम आदमी पर सीधा असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने साफ कहा कि फिलहाल नॉर्मल पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने की कोई योजना नहीं है.

क्यों बढ़े दाम, क्या हैं कारण?

दरअसल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं. गुरुवार को यह 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, जो बाद में घटकर करीब 108 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गईं. ईरान से जुड़े संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज़ में बढ़ते जोखिम के चलते जहाजों के रूट बदल रहे हैं, बीमा महंगा हो गया है और सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा है. भारत अपनी करीब 88 प्रतिशत कच्चे तेल की जरूरत आयात के जरिए पूरी करता है, जिसका बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आता है.

Advertisement

कीमतें कैसे तय होती हैं?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें अब पूरी तरह बाजार आधारित हैं. 2010 और 2014 में डी-रेगुलेशन के बाद से कीमतें तय करने का अधिकार तेल विपणन कंपनियों-इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल-के पास है. इसके बावजूद, अप्रैल 2022 से खुदरा ईंधन कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

कंपनियां कैसे संभाल रही हैं दबाव

तेल कंपनियां ऊंचे कच्चे तेल के दौर में नुकसान सहती हैं और जब कीमतें कम होती हैं तो मुनाफे से उसकी भरपाई करती हैं. इसी रणनीति के तहत देश में कीमतों को स्थिर रखा गया है. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने भी कहा है कि बढ़ती वैश्विक कीमतों के बावजूद सामान्य ईंधन के दाम नहीं बढ़ाए गए हैं और केवल प्रीमियम पेट्रोल में सीमित संशोधन किया गया है.

Advertisement

आगे क्या असर पड़ सकता है?

हालांकि फिलहाल आम वाहन चालकों के लिए कोई सीधा असर नहीं है, लेकिन इंडस्ट्रियल डीजल महंगा होने से लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक लागत बढ़ सकती है. इसका असर आने वाले समय में अप्रत्यक्ष रूप से महंगाई पर दिख सकता है. सरकार का फोकस फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत देने पर है, लेकिन अगर कच्चे तेल की कीमतों में और बड़ा उछाल आता है, तो आगे कीमतों में बदलाव संभव है. कुल मिलाकर, अभी के लिए आम आदमी को राहत है, लेकिन वैश्विक हालात को देखते हुए ईंधन कीमतों पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा.

Featured Video Of The Day
Israel को Missile Surprise की धमकी देने वाले Iran Officer Ali Mohammad Naini की Airstrike में मौत